भाजपा की स्ट्रैटजी बिहार में 2024 के लिए छोटी पार्टियों को जोड़ेगी

नीतीश के सहयोगी राज्यों में बीजेपी की मजबूत

भाजपा की स्ट्रैटजी बिहार में 2024 के लिए छोटी पार्टियों को जोड़ेगी

भाजपा मोदी, ED, CBI और बीजेपी. जब यूं लग रहा था कि बीजेपी से कोई बैर नहीं ले सकता, कम से कम हिंदी बेल्ट में तो नहीं, तो बिहार का बवाल हो गया. बीजेपी अभी महाराष्ट्र में कुर्सी झटकने का जश्न मना ही रही थी कि बिहार हाथ से निकल गया. बीजेपी को बिहार में नीतीश ने जो चोट पहुंचाई है उसका दर्द बीजेपी को कई और राज्यों और यहां तक कि 2024 के चुनाव में महसूस हो सकता है.

आम परसेप्शन यही है कि देश में बीजेपी यत्र-तत्र-सर्वत्र है. लेकिन गौर करेंगे तो पता चलेगा कि मध्य प्रदेश से नीचे कर्नाटक को छोड़ दें तो बीजेपी उतनी ताकतवर नहीं है. और मध्य प्रदेश के ऊपर भी राज्यवार नजर डालिएगा तो पाइएगा कि यूपी को छोड़कर ज्यादातर राज्यों में बीजेपी उतनी मजबूत नहीं जितना बताती है.                    भारत की 75 तस्वीरें पहला रॉकेट अब्दुल कलाम ने असेंबल किया

बिहार में नीतीश से झटका खाने के बाद भाजपा मिशन 2024 की तैयारी में जुट गई है। दिल्ली में कोर कमेटी की बैठक में पार्टी ने बिहार की 40 में से 35 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भाजपा 2014 की तरह NDA गठबंधन में छोटी-छोटी पार्टियों को भी जोड़ने की कोशिश करेगी

बिहार  के गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद

भाजपा की स्ट्रैटजी बिहार में 2024 के लिए छोटी पार्टियों को जोड़ेगी

9 अगस्त को बिहार में भाजपा और नीतीश कुमार की पार्टी JDU के बीच गठबंधन टूट गया था, जिसके बाद नई रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में मंगलवार को बैठक हुई थी। बैठक में बिहार भाजपा के सभी बड़े नेताओं के साथ गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे।

नीतीश के सहयोगी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह पर भी भाजपा की नजर है। सियासी गलियारों की चर्चा के मुताबिक सिंह 2024 में नीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा से चुनाव लड़ सकते हैं। हाल ही में उन्होंने JDU से इस्तीफा दिया था। इधर, बिहार कैबिनेट में अपर कास्ट को कम प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा भी भाजपा उठाने की तैयारी में है।

नीतीश कुमार ने बिना किसी का नाम लिया कहा कि जिन लोगों को ऐसा लगता है कि विपक्ष समाप्त हो जाएगा. तो हम लोग भी विपक्ष में आ गये. जितना उन लोगों को करना है वो करते रहें. उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि सभी विपक्षी दल 2024 के लिए एकजुट हों. वहीं मुख्यमंत्री ने खुद को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने के अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने किसी भी पद के लिए खुद की दावेदारी से इनकार किया.

10 और सीटों को यहां के मतदाता प्रभावित

भाजपा की स्ट्रैटजी बिहार में 2024 के लिए छोटी पार्टियों को जोड़ेगी

नीतीश कुमार आठवीं बार मुख्यमंत्री बने हैं. भाजपा से नाता तोड़कर जदयू ने राजद का साथ पकड़ लिया है. कांग्रेस और वामदलों के साथ ही हम पार्टी का महागठबंधन को साथ है. भाजपा से अलग होकर जदयू ने बीजेपी पर ताबड़तोड़ हमला किया है. वहीं भाजपा भी जदयू को लेकर लगातार बयानबाजी कर रही है. भाजपा ने बुधवार को विरोध में धरना भी दिया..

लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। साथ ही UP, झारखंड और बंगाल बॉर्डर जुड़े होने की वजह से 10 और सीटों को यहां के मतदाता प्रभावित करते हैं। इसलिए बिहार को लेकर पॉलिटिकल पार्टियों का विशेष फोकस रहता है।
नीतीश कुमार और उनकी पार्टी JDU महागठबंधन के साथ मिलकर 2024 के लिए 40 सीट जीतने का प्लान तैयार किया है। इसके लिए बिहार की 40, झारखंड की 14 और बंगाल की 10 सीटें हैं। JDU के पास वर्तमान में 16 सीटें हैं।

नीतीश की कोशिश है कि बिहार के जिन सीटों पर भाजपा कम मार्जिन से चुनाव जीती है, उन सभी सीटों पर महागठबंधन को मजबूती से लड़ाया जाए।भाजपा से जब नीतीश अलग हुए थे, तो उन्होंने महागठबंधन के नेताओं से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि बिहार में एक-एक सीट पर सभी दल मिलकर काम करेंगे और 2024 में भाजपा को एक भी सीट पर कामयाब नहीं होने देंगे।

यूपी में बीजेपी मजबूत स्थिति में है लेकिन पहले से कमजोर हुई है. बीएसपी का रंग देख वहां गैर बीजेपी वोटर एसपी के आसपास जमा हो रहा है. बिहार का सियासी घटनाक्रम देख अखिलेश ने कहा भी है कि बिहार से बीजेपी भगाओ का नारा दिया गया है                    Intelligence Bureau Recruitment 2022 Released | Apply Online for 766 Assistant Central Intelligence Officer & Other Vacancies