रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार (10 जुलाई 2022) को अपना 71वां जन्मदिन मनाया

रक्षामंत्री

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सिर्फ 13 साल की उम्र में ही संघ से जुड़ गए थे। 1969-71 के बीच वह गोरखपुर में ABVP के संगठनात्मक सचिव बनाए गए। राजनाथ सिंह को 1974 में मिर्जापुर इकाई का RSS सचिव बनाया गया। एक साल बाद ही वह मिर्जापुर में जनसंघ के जिलाध्यक्ष के रूप में नियुक्त हुए। 21 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। उनके बेटे संजय गांधी के इशारे पर विरोधियों की गिरफ्तारी की गई, जिसमें राजनाथ सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया

रक्षामंत्री  राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और अजीब यह रही कि वह राम प्रकाश गुप्त के स्थान पर सीएम बने। साल 1999 में लोकसभा चुनाव के पहले कल्याण सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के बीच ठन गई। जिसके बाद लखनऊ लोकसभा सीट से जीतने पर अटल बिहारी वाजपेयी को पीएम बनाया गया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार (10 जुलाई 2022) को अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। राजनाथ सिंह 13 साल की उम्र में RSS से जुड़ गए थे। इमरजेंसी के दौरान मिर्जापुर की जेल में जिस नेता ने उनका भविष्य बताया था, राजनाथ उसे ही कुर्सी से हटाकर CM बने थे।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जनता दल के टिकट पर मिर्जापुर से विधायक बने। 1980 में वह जनता दल छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। 1984 में यूपी बीजेपी यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष बनाए गए। 1986 में राष्ट्रीय महासचिव और 1988 में पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शिक्षा मंत्री बनाए गए। रक्षामंत्री राजनाथ ने बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए एंटी-कॉपिंग एक्ट 1992 लागू किया। इस एक्ट के लागू होते ही नकल करने वाले विद्यार्थियों को एग्जाम हॉल से गिरफ्तार कर लिया जाता था। जमानत के लिए कोर्ट जाना पड़ता था।

सरकार में जब 1992 में पहली बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट आया तो सब हैरान रह गए। महज 14% छात्र ही पास हो सके। कई स्कूलों का रिजल्ट जीरो रहा। मतलब स्कूल का एक भी लड़का पास नहीं हो सका। रिजल्ट के 6 महीने बाद 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस कांड हो गया।

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विधानसभा के चुनाव हुए तो सपा-बसपा ने 213 सीट जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। बीजेपी को 177 सीटें मिली। खुदर क्षामंत्री राजनाथ सिंह महोना सीट से चुनाव हार गए। उस वक्त छात्रों ने कहा था कि फेल हुए छात्रों की हाय बीजेपी को लग गई। हालांकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बहुत दिन सदन से दूर नहीं रहे

बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाई। तय हुआ कि 6 महीने तुम सीएम, 6 महीने में हम सीएम। सबसे पहले मायावती सीएम बनी। फिर कल्याण सिंह बनाए गए। मायावती ने 1997 में समर्थन वापस ले लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अटल बिहारी की सूझबूझ से बीजेपी की सरकार बच गई।

राम प्रकाश गुप्त रिटायरमेंट की तरफ आगे बढ़ चुके थे। संगठन से बहुत मतलब नहीं रखते थे। 11 महीने तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद उन्हें हटा दिया गया और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ताबड़तोड़ फैसले लिए। सरकारी नौकरियां निकाली, लेकिन जनता पर प्रभाव नहीं बना पाए और 2002 के चुनाव में बीजेपी बुरी तरह से हार गई।

19 दिसंबर 2009 तक वह इसी पद पर रहे। 23 जनवरी 2013 से 9 जुलाई 2014 तक दोबारा अध्यक्ष बने। मार्च 2014 में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई। नरेंद्र मोदी पीएम बने। राजनाथ सिंह को गृह मंत्री बनाया गया। 2019 में दोबारा बीजेपी की जीत हुई। इस बार गृह मंत्री अमित शाह बने और राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री बनाया गया।

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