उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश को 26 सप्ताह तक बढ़ाने से भी लाखों बेटियां लाभान्वित हुई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज शुरू की गई बीमा सखी योजना का आधार भी लंबे समय तक कड़ी मेहनत और मुआवजे पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि साठ साल की आजादी के बाद ज्यादातर महिलाओं को बहीखाते की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पूरे वित्तीय ढांचे से कटी हुई हैं।
जनधन योजना के तहत 30 करोड़ महिलाओं के खाते खुलने पर गर्व जताते हुए श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए जनधन खाते खोले हैं, ताकि गैस जैसी सुविधाएं उनके परिवार के हाथों में पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि जनधन योजना ने किसान कल्याण निधि, सुकन्या समृद्धि योजना, अपना घर बनाने के लिए फंड, फेरीवालों के लिए घर बनाने के लिए फंड, मुद्रा योजना और अन्य योजनाओं से पैसे के हस्तांतरण को सुनिश्चित करने में भी मदद की है।
प्रत्येक शहर में वित्तीय सुविधाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए लोगों की सराहना करते हुए राज्य प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों के पास पहले से बहीखाते नहीं थे, वे अब बैंक सखी के रूप में नागरिकों को बैंकों से जोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बैंक सखियों ने लोगों को यह सिखाना शुरू कर दिया है कि बैंक में पैसे कैसे जमा करें, ऋण कैसे लें और आज प्रत्येक शहर में ऐसी लाखों बैंक सखियां विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान कर रही हैं।
यह याद करते हुए कि भारत की महिलाएं पहले सुरक्षित नहीं थीं, श्री मोदी ने कहा कि आज लाखों महिला Bima Sakhi Yojana बनाने का मिशन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं बीमा जैसे क्षेत्रों के विकास का नेतृत्व भी करेंगी।
राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बीमा सखी योजना के तहत 2 लाख महिलाओं को व्यवसाय के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा पास कर चुकी लड़कियों को Bima Sakhi Yojana के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा और उन्हें कई वर्षों तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। बीमा क्षेत्र से जुड़ी जानकारी का हवाला देते हुए,
जिसमें दिखाया गया है कि एक एलआईसी कर्मचारी हर साल औसतन 15 हजार रुपये कमाता है, श्री मोदी ने कहा कि हमारी बीमा सखियां हर साल 1.75 लाख रुपये से अधिक कमाएंगी जिससे परिवार को अतिरिक्त आय होगी।
यह देखते हुए कि बीमा सखियों की प्रतिबद्धता पैसे कमाने के अलावा और भी बहुत कुछ होगी, राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में ‘सभी के लिए सुरक्षा’ दिन के अंत में फोकस थी।
Bima Sakhi Yojana:उन्होंने कहा कि यह सरकारी सहायता प्राप्त सेवानिवृत्ति और इसकी जड़ों से गरीबी को खत्म करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि बीमा सखियां सभी के लिए सुरक्षा के मिशन को मजबूत करेंगी।
इस बात पर जोर देते हुए कि जब कोई व्यक्ति सुरक्षित होता है, तो उसे मिलने वाला लाभ बहुत बड़ा होता है, श्री मोदी ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनाएं चला रही है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत बेहद कम दर पर 2 लाख रुपये का बीमा दिया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि देश के 20 करोड़ से अधिक ऐसे लोग जो कभी बीमा के बारे में नहीं सोचते थे, उन्हें सुरक्षा दी गई है।
उन्होंने कहा कि इन दोनों योजनाओं के तहत अब तक करीब 20 हजार करोड़ रुपये का बीमा कवर दिया जा चुका है। श्री मोदी ने कहा कि बीमा सखियां देश के कई लोगों को सरकारी बीमा देने का प्रयास करेंगी, जो एक तरह का उदारवादी काम है।
Bima Sakhi Yojana:पिछले 10 वर्षों में भारत में ग्रामीण महिलाओं के लिए बनाई गई प्रगतिशील नीतियों और अपनाई गई नीतियों पर जोर देते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि बीमा सखी, बैंक सखी, कृषि सखी, पशु सखी, रोबोट दीदी, लखपति दीदी जैसे नाम भले ही सीधे और सामान्य लगते हों, लेकिन ये भारत की नियति बदल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का स्वावलंबन अभियान महिलाओं के सशक्तीकरण को देखते हुए इतिहास में उज्ज्वल अक्षरों में दर्ज होगा। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने के लिए महिला स्वावलंबन समूहों को एक बड़ा माध्यम बनाया है।
उन्होंने कहा कि देश भर में 10 करोड़ महिलाएं स्वावलंबन समूहों से जुड़ी हैं और हाल ही में स्वावलंबन समूहों की महिलाओं को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मदद दी गई है।
देश भर में स्वावलंबन समूहों से जुड़ी महिलाओं के काम और समर्पण की सराहना करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि वे भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ग, हर परिवार की महिलाएं इससे जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला को इसमें अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्व-सुधार समूहों के विकास से सामाजिक सद्भाव और नागरिक अधिकारों को भी मजबूती मिल रही है।
Bima Sakhi Yojana:राज्य प्रमुख ने कहा कि स्व-सुधार समूह न केवल एक महिला की आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि एक परिवार और पूरे शहर का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी को उनके द्वारा किए जा रहे अच्छे काम के लिए बधाई दी।
श्री मोदी ने लाल किले की सुरक्षा का उपयोग करते हुए 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के अपने वादे का भी जिक्र किया। इस तरह पूरे देश में 1 करोड़ 15 लाख से अधिक लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने 1 करोड़ 15 लाख से अधिक की कमाई करना शुरू कर दिया है।
हर साल एक लाख रुपये कमाए जाते हैं। राज्य के शीर्ष नेता ने टिप्पणी की कि लखपति दीदी अभियान को सरकार की नमो रोबोट दीदी योजना से भी वास्तव में आवश्यक मदद मिल रही है, जिसे हरियाणा में भी जांचा जाता है।
श्री मोदी ने हरियाणा की एक नमो द्रोणो दीदी का इतिहास वर्णित किया और कहा कि यह योजना खेती और महिलाओं के जीवन दोनों को बदल रही है।
राज्य प्रमुख ने बताया कि देश में मौजूदा खेती और प्राकृतिक खेती के बारे में मुद्दों को प्रकाश में लाने के लिए बड़ी संख्या में कृषि सखियों को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 70 हजार कृषि सखियों को पहले ही प्रमाणीकरण मिल चुका है और ये के