पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है

अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है

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पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। इस्लामाबाद में दो दिन पहले हुए आत्मघाती हमले के बाद अमेरिका ने चेताया है कि कुछ लोग एक और आतंकी हमले की तैयारी कर रहे हैं।यह हमला इस्लामाबाद के मैरियट होटल में हो सकता है।अमेरिकी  दूतावास की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में अमेरिकी ने अपने नागरिकों को छुट्टियों के दौरान किसी भी होटल में न जाने की हिदायत दी है। साथ ही जल्द होटल मैरियट भी खाली करने को कहा है।इस्लामाबाद के मैरियट होटल पर हमले का खतरा मंडरा रहा है।

मैरियट होटल में अमेरिकियों पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं

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इस्लामाबाद में अमेरिका के दूतावास ने हमले की आशंका को लेकर चिंता जताते हुए रविवार को अलर्ट जारी किया। इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए गए अलर्ट में अमेरिकी अपने कर्मचारियों को कहा है कि वे मैरियट होटल न जाएं।कहा गया है कि अमेरिकी कर्मचारी सतर्कता बरतें, भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। उन्हें स्थानीय मीडिया की खबरों पर नजर रखने को भी कहा गया है।अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि उसे जानकारी मिली है कि आशंका जताई गई है कि कुछ आतंकी इस्लामाबाद के मैरियट होटल में अमेरिकियों पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं।

शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है

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दो दिन पहले राजधानी में आत्मघाती हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थे। इसी हमले के बाद यह अलर्ट जारी किया गया है। दूतावास ने सभी मिशन कर्मियों से छुट्टियों के मौसम में इस्लामाबाद की गैर-जरूरी, अनौपचारिक यात्रा से परहेज करने का आग्रह किया।शुक्रवार को राजधानी में प्रशासन ने सभी तरह के जमावड़े, खासकर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगा दी और शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

इस्लामाबाद की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है जो शांति को बाधित कर सकता है

“कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा जारी हालिया सलाह खतरे के अलर्ट और पुलिस पर आज के हमले के मद्देनजर, राजधानी के अधिकार क्षेत्र के भीतर खतरों को दूर करने के लिए इस्लामाबाद की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है जो शांति को बाधित कर सकता है जिससे सार्वजनिक जीवन को नुकसान हो सकता है।शुक्रवार यानी 23 दिसंबर को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक फिदायीन हमला हुआ था जिसमें एक पुलिस वाले की मौत हो गई थी। साथ ही इसमें 10 लोग घायल भी हुए थे।

2,024 संदिग्ध लोगों, मोटरसाइकिल और वाहनों की जांच की थी

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आत्मघाती हमले के बाद अफसरों ने कहा था कि पुलिस की सतर्कता से इस्लामाबाद में बड़ा हमला होने से बच गया। 23 दिसंबर को हुए हमले से एक दिन पहले ही इस्लामाबाद की पुलिस ने बयान जारी कर बताया था कि सुरक्षा कारणों के चलते 2,024 संदिग्ध लोगों, मोटरसाइकिल और वाहनों की जांच की थी। दरअसल पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान के बन्नु जिले में तालिबानियों ने सेना के एक काउंटर टेरेरिज्म सेंटर को कब्जे में ले लिया था।इसके बाद से इस्लामाबाद समेत पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया था।

एडवाइजरी के पीछे साल 2008 का मैरियट होटल पर हुआ आतंकी हमला भी है

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अमेरिकी एडवाइजरी के पीछे साल 2008 का मैरियट होटल पर हुआ आतंकी हमला भी है। जिसमें 63 लोगों की जान चली गई थी और 250 लोग घायल हो गए थे।हमले के दौरान एक कूड़े से भरा ट्रक होटल के गेट तक पहुंचा और विस्फोट हो गया। अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान में आंतकी संगठन TTP को मजबूती मिली है। आतंकवाद की फैक्ट्री कहे जाने वाले पाकिस्तान में अब तक जितने भी आतंकी संगठन हैं, उनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान सबसे खतरनाक माना जाता है।

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कबाइली इलाकों में कई विद्रोही गुट पनपने लगे

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इसी संगठन ने मलाला यूसुफजई पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसी ने पेशावर में सैनिक स्कूल पर हमला करके 114 बच्चों को मार दिया था। दरअसल, पाकिस्तानी तालिबान की जड़ें जमना उसी वक्त शुरू हो गई थीं, जब 2002 में अमेरिकी कार्रवाई के बाद अफगानिस्तान से भागकर कई आतंकी पाकिस्तान के कबाइली इलाकों में छुपे थे। इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई तो स्वात घाटी में पाकिस्तानी आर्मी की मुखालफत होने लगी। कबाइली इलाकों में कई विद्रोही गुट पनपने लगे।

अफगानिस्तान की तरफ से भी लगातार गोलीबारी की जा रही है

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ऐसे में दिसंबर 2007 को बेतुल्लाह महसूद की अगुआई में 13 गुटों ने एक तहरीक यानी अभियान में शामिल होने का फैसला किया, लिहाजा संगठन का नाम तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान रखा गया। शॉर्ट में इसे TTP या फिर पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है। यह अफगानिस्तान के तालिबान संगठन से अलग है, लेकिन इरादे करीब-करीब एक जैसे हैं। दोनों ही संगठन शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। साल 2008 में, एक आत्मघाती हमलावर ने फाइव-स्टार होटल मैरियट के बाहरी गेट में 600 किलोग्राम विस्फोटकों से भरे एक ट्रक से टक्कर मार दी थी, जिसके बाद भारी धमाके हुए थे।

इन धमाकों में 60 लोग मारे गए थे। इस हमले के बाद होटल का वो हिस्सा बर्बाद हो गया था, जिसके बाद उसे बंद कर दिया गया था। कुछ महीने बाद इस गेट को बम-प्रूफ बनाकर खोला गया। वर्तमान में पाकिस्तान आतंकवाद के बढ़ते खतरे का सामना कर रहा है। वहीं, बॉर्डर पर अफगानिस्तान की तरफ से भी लगातार गोलीबारी की जा रही है।

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