Samadhanvani

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समीरा दहिया भारत की पहली सबसे तेज बाइक राइडर है

की पहली सबसे तेज बाइक चलाने वाली महिला 1

मैं भारत की पहली सबसे तेज बाइक राइडर हूं

समीरा

समीरा दहिया भारत की पहली सबसे तेज बाइक राइडर है।मेरा नाम समीरा दहिया है। मेरा जन्म हरियाणा में हुआ। लेकिन जब मै  10 महीने की थी तो पेरेंट्स के साथ दिल्ली आ गई।मैंने जॉब छोड़कर फुल टाइम बाइक रेसर बनने का फैसला किया।नौकरी के चलते 2011 में मैं बेंगलुरु शिफ्ट हो गई और तब से यही रह रही हूं।समीरा दहिया जब 28 साल की थी, तब पहली बार बाइक चलाई। इससे पहले समीरा दहिया पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करती थी।बचपन में पापा के स्कूटर पर पीछे बैठा करती थी लेकिन कभी बाइक चलाने के बारे में नहीं सोचा था।

मेरे मन में ये बात थी कि मोबिलिटी फ्रीडम होनी चाहिए।

 

समीरा दहिया जब 11वीं में थी तब एक बार स्कूटी जरूर चलाने की कोशिश की थी लेकिन उस वक्त मैं ऐसी गिरी कि पीछे बैठी मेरी सहेली को बहुत चोट लगी थी।हालांकि, बाद में मैंने कार चलाना सीख लिया, क्योंकि वो मुझे स्कूटी से सेफ लगती थी।लेकिन घर में कार न होने की वजह से मैं प्रैक्टिस नहीं कर पाई और कार चलाने की ट्रेनिंग पीछे ही छूट गई। हालांकि मेरे मन में ये बात जरूर आती थी कि मोबिलिटी फ्रीडम होनी चाहिए। जब मन करे गाड़ी उठाओ और निकल जाओ।समीरा दहिया बेंगलुरु में एक आईटी कंपनी में जॉब करती थी।

मुझे खुद को चैलेंज करना चाहिए

की पहली सबसे तेज बाइक चलाने वाली महिला 2

2014 में मेरे एक दोस्त ने मुझे बेंगलुरु से गोवा बाइक ट्रिप के बारे में बताया और पूछा-चलना है।मैंने तुरंत हां कर दी।समीरा दहिया इससे पहले कभी किसी बाइक ट्रिप पर नहीं गई थी। मैं भले ही बाइक पर पीछे बैठकर गई लेकिन मेरा अनुभव शानदार था।एक दिन समीरा दहिया ऑफिस में कंप्यूटर के सामने बैठी थी। 2015 की बात है।उस दिन समीरा दहिया को लगा कि मैं यह काम नहीं करना चाहती। मैं खुद क्यों नहीं अकेले बाइक राइड करूं।मुझे रोड एक्सीडेंट से डर लगता था तो मैं इस डर को भी अपने अंदर से निकालना चाहती थी।मुझे खुद को चैलेंज करना चाहिए।

मैंने पैसों का जुगाड़ कर पल्सर बाइक खरीदी

इसके बाद मैंने अपने एक दोस्त को बाइक सिखाने के लिए कहा। उसने मुझे 20 मिनट में बाइक के बेसिक समझाए। अगले दिन मैंने पैसों का जुगाड़ कर पल्सर 180 सीसी की सेकेंड हैंड बाइक 20 हजार में खरीदी।15 दिन बाइक चलाने के बाद समीरा दहिया 5 दिन कर्नाटक के हिल स्टेशन कुर्ग जाने का फैसला किया। गूगल मैप इस्तेमाल करना नहीं आता था लेकिन मेरे दोस्त ने मेरी काफी मदद की। उसने मुझे एक कागज पर लोकल भाषा में कुछ लिखकर दिया और कहा कि अगर कहीं फंसी या रास्ता भटकी तो लोगों को ये पेपर दिखा देना।तब मुझे कन्नड़ भाषा नहीं आती थी।

मैं बाइक राइडिंग के लिए सीरियस हूं

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इस बाइक ट्रिप ने मेरे मन की सभी शंकाओं को दूर कर दिया। इन 5 दिनों के ट्रिप ने मेरी कई चीजें बदलीं। पल्सर 180 सीसी बाइक पर मैंने 6 महीने में 8 हजार किमी तक सफर किया।पल्सर 180 सीसी के बाद मैंने अपना पहला लद्दाख ट्रिप प्लान किया। इसके लिए मैंने रॉयल एनफील्ड 350 क्लासिक खरीदी। इसके लिए मैंने पापा से डाउन पेमेंट मांगी थी।तब पापा को लगा कि मैं बाइक राइडिंग के लिए सीरियस हूं, क्योंकि इससे पहले मैं किसी चीज के लिए इतनी गंभीर नहीं हुई थी।वो टाइम मेरे लिए बहुत लकी था। जब मैं बेंगलुरु से दिल्ली पहुंची तो मेरे पेरेंट्स ने मेरा स्वागत किया।

मैंने वुमन राइडर्स को बाइक सिखाने की ट्रेनिंग देनी शुरू की

वह मेरे लिए गर्व का मौका था। मेरे पेरेंट्स को भरोसा हो गया था कि समीरा दहिया एक अच्छी बाइक राइडर है।नौकरी छोड़ने के बाद अक्टूबर 2016 से मैंने वुमन राइडर्स को बाइक सिखाने की ट्रेनिंग देनी शुरू की। लद्दाख ट्रिप खत्म करने से पहले ही मैं अपने लाइफ पार्टनर से मिली। अब हमारी शादी को 3 साल हो गए हैं। वो भी मुझे एक राइड पर मिले थे तो हमारे मिलने का कारण भी बाइक ही बनी।मैंने पति के साथ पूरे भारत में बाइक राइड की। वो पिछले 25 साल से बाइक चला रहे हैं तो उनसे ही मैंने बाइक राइडिंग की बारीकी समझी।

मैंने 200 महिलाओं को ट्रेंड किया है

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जब समीरा दहिया ट्रेनिंग देनी शुरू की तो जाना कि महिलाओं के अंदर बहुत कुछ करने की इच्छा है।अभी तक समीरा दहिया ने 200 महिलाओं को ट्रेंड किया है। खुद भी ट्रेनिंग लेती हूं क्योंकि मुझे खुद भी रेसिंग करनी होती है। इसके लिए अलग-अलग टेक्नीक और बाइकों पर हाथ आजमाती हूं।मैंने 2020 में केपीएम 390 पर फास्टेस्ट रिकॉर्ड राइड की।यह ऑल इंडिया लेवल की थी। राइड बेंगलुरु से शुरू हई।16325 किलोमीटर की इस रेस को मैंने 24 दिन 9 घंटे में पूरा किया। इसमें 28 राज्य, 6 केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे।

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मेरे हस्बैंड मेरी लाइफ के सबसे बड़े मोटिवेशन हैं

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इसके बाद इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में यह रिकॉर्ड दर्ज किया गया और मुझे फास्टेस्ट फीमेल राइडर का टाइटल मिला।मैं बहुत लकी हूं कि मेरे हर फैसले में मेरे पेरेंट्स और पार्टनर ने सपोर्ट किया। मेरे हस्बैंड मेरी लाइफ के सबसे बड़े मोटिवेशन हैं और पापा मेरी मजबूत दीवार बनकर खड़े रहे।पापा हमेशा कहते कि बेटी की जिंदगी हैं, उसे जो करना है करने दो।कंपनी आज भी वुमन राइडर्स को कुछ नहीं समझतीं। उन्हें लगता है कि हम फेमस होने या पोज देने के लिए ब्रैंड से जुड़ते हैं।मैं उन्हें ये बात साफ तौर पर समझा रही हूं कि महिलाएं कोई ऑब्जेक्ट नहीं हैं।

जब पुरुष बाइक चला सकते हैं तो महिलाएं क्यों नहीं

जब पुरुष बाइक चला सकते हैं तो महिलाएं क्यों नहीं। विज्ञापनों में आप उन्हें बस पोज देने के लिए मत दिखाओ। यह बताओ कि महिलाएं बाइक पर बैठकर क्या कुछ कर सकती हैं।मोटर स्पोर्ट्स में 2 तरह की रेस होती है। एक ट्रैक और दूसरा सर्किट रेस। समीरा दहिया दोनों करती थी।सर्किट पर मेरा एक्सिडेंट हो गया था और मैं 1 महीने तक बिस्तर पर थी। इस वजह से 2019 के बाद मैंने सर्किट रेस को छोड़ दिया था। क्योंकि तब मेरा वजन बढ़ गया थाऔर मोटर स्पोर्ट्स में हैवी वेट के साथ भाग लेना मुश्किल होता है। ठीक होने के बाद मैंने 32 किलोग्राम वजन कम किया और खुद को रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार किया।

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