कुल्थी दाल के सेवन से मिलने वाले 8 फायदे

दालों को प्रोटीन का सबसे बढ़िया स्रोत माना जाता है

कुल्थी

कुल्थी दाल को प्रोटीन का सबसे बढ़िया स्रोत माना जाता है। अरहर दाल, मसूर दाल, चना दाल, मूंग दाल, उड़द दाल लगभग हर भारतीय घर में पाई जाती है। इनसे तरह-तरह की डिशेज तैयार होती हैं। हालांकि एक दाल ऐसी है जिसमें सबसे अधिक न्यूट्रिएंट्स हैं। यह है कुलथी दाल। शहरों में यह उतना पॉपुलर नहीं है जितना कि ग्रामीण इलाकों में। झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ट्राइबल इलाकों में दालों में सबसे अधिक कुलथी दाल ही खाई जाती है। इसका कारण है कुल्थी में मौजूद पोषक तत्व।

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प्रोटीन के साथ कुलथी में मिनरल्स और विटामिंस भी होते हैं

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पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन के साथ कुलथी में मिनरल्स और विटामिंस भी होते हैं। कुलथी दाल को दाल कम दवा के रूप में अधिक देखा जाता रहा है। डाइटीशियन डॉ. विजयश्री प्रसाद बताती हैं कि इस दाल में कई न्यूट्रिएंट्स के अलावा कम मात्रा में कई बायोएक्टिव पदार्थ पाए जाते हैं जैसे-फेनोलिक एसिड, फ्लैवोनॉड्स और टैनिंस। ये कई तरह की बीमारियों को खत्म या कम करती हैं। कई शोधों में बताया गया है कि कुलथी की दाल किडनी में बने स्टोन को गलाने में मदद करती है। स्टोन गलकर यूरिन के रास्ते निकल जाता है।

रेगुलर कुलथी दाल खाने से कोलोन कैंसर का भी रिस्क कम रहता है

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इसके नियमित सेवन से कांस्टिपेशन को दूर किया जा सकता है। आयुर्वेद में बताया गया है कि इससे गॉल ब्लाडर में जमे स्टोन को भी बाहर निकाला जा सकता है। जिन्हें यूरिक एसिड बढ़ने की शिकायत होती है वे कुलथी दाल का सेवन कर सकते हैं। रेगुलर कुलथी दाल खाने से कोलोन कैंसर का भी रिस्क कम रहता है। कुलथी दाल पाइल्स के रोगियों के लिए भी अच्छा मानी जाती है। कुल्थी में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। कुल्थी सलाद के रूप में कच्चा खा सकते हैं। इसे रात में भिगो कर रखें और सुबह कुल्थी के पानी को पी जाएं तो पाइल्स में काफी राहत मिलती है।

कुलथी दाल का एक चम्मच पाउडर भी न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है

आयुर्वेद के अनुसार, महिलाओं को रेगुलर कुलथी दाल का सेवन करना चाहिए। हर दिन कुलथी दाल का एक चम्मच पाउडर भी न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है। खासकर डिलीवरी के बाद प्रसूता को कम से कम डेढ़ महीने तक इसका सेवन लाभ पहुंचाता है। कुलथी दाल का पानी या सूप पीने से महिलाओं को भरपूर आयरन की मात्रा मिलती है। जो माएं ब्रेस्ट फीडिंग कराती हैं उनमें दूध बढ़ाने में कारगर होती है।कुलथी दाल में आयरन की अच्‍छी मात्रा रहती है। यह महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्‍याओं को भी दूर करने में मदद करती है।

प्रतिदिन 1 चम्‍मच कुलथी दाल के पाउडर का सेवन करना चाहिए

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इसका उपयोग अनियमित और हेवी ब्लीडिंग रोकने के लिए भी किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं को नियमित रूप से प्रतिदिन 1 चम्‍मच कुलथी दाल के पाउडर का सेवन करना चाहिए। कुलथी की दाल शरीर में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। वहीं HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। डॉ. विजयश्री के अनुसार, डाइट में कुलथी दाल को शामिल किया जाए तो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है। कुलथी दाल में कैल्शियम, फॉस्‍फोरस, आयरन और एमिनो एसिड होते हैं। इससे पुरुषों में स्पर्म बढ़ता है।

आयुर्वेद में कुलथी की तासीर को गर्म बताया गया है

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आयुर्वेद में बताया गया है कि कुलथी की दाल स्पर्म को पतला होने से रोकती है। जिनमें स्पर्म की कमी होती है वे इसे औषधि के रूप में ले सकते हैं। आयुर्वेद में कुलथी की तासीर को गर्म बताया गया है। सर्दियों में लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी की शिकायत अधिक होती है। कुलथी दाल खाने से सीजनल फ्लू तो दूर होता ही है, शरीर को भी गर्म रखने में मदद मिलती है। कुलथी की दाल में ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित रखते हैं। डायबिटीज रोगियों को कुलथी दाल खाने की सलाह दी जाती है।

कुल्‍थी की दाल, जिसे मीट से भी ज्‍यादा पौष्टिक कहा जाता है

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दालों को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता हैं। दाल प्रोटीन का अच्छा सोर्स हैं। दाल के सेवन से शरीर में प्रोटीन और पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है. आज हम आपको ऐसी ही एक दाल के बारे में बता रहे हैं जिसे आप डाइट में शामिल कर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं। कुल्‍थी की दाल, जिसे मीट से भी ज्‍यादा पौष्टिक कहा जाता है। कुल्‍थी की दाल को हॉर्स ग्राम के नाम से भी जाना जाता है। इसे दक्षिण भारत की महत्वपूर्ण फसल माना गया है। इसका रंग गहरा भूरा होता है और देखने में मसूर की दाल की तरह लगती है।

कुल्थी की दाल को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है

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दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख व्यंजनों जैसे रसम आदि बनाने के लिए इसे अधिक प्रयोग किया जाता है। कुल्थी की दाल को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। यह न सिर्फ आपके शरीर को पर्याप्त पोषण प्रदान करती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के जोखिम को भी कम कर सकती हैं। आपको बता दें कि रेगुलर कुल्थी की दाल के सेवन से पथरी की समस्या को दूर किया जा सकता है। इतना ही नहीं कुल्थी की दाल को वजन कम करने और दिल की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। तो चलिए आज हम आपको कुल्थी दाल के सेवन से मिलने वाले फायदों के बारे में बताते हैं।

माना जाता है कि कुल्थी दाल का नियमित सेवन हार्ट संबंधी समस्याओं को दूर कर हार्ट को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है। कुल्थी दाल में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हार्ट को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं।

नींबू जैसा दिखने वाला चकोतरा एक ऐसा फल है, जो विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम, पोटैशियम और कई तरह के डायटरी फाइबर से भरपूर है