खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही अधिक बढ़ोतरी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रिपोर्ट के अनुसार कुछ खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका असर हर परिवार के खर्च पर पड़ रहा है। आलम यह है कि चार महीने में प्याज की कीमतों में 85 फीसदी से अधिक का उछाल आया है। वहीं, चीनी के दाम 34 फीसदी तक बढ़े हैं। हाल में जारी आरबीआई की मासिक रिपोर्ट कहती है कि, देश में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। जून से सितंबर के बीच प्याज की कीमतों में करीब 85 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, जुलाई और अगस्त में चीनी के दाम करीब 34 फीसदी बढ़े। इसकी प्रमुख वजह रबी की फसल का कम भंडार और असमान बारिश के कारण खरीफ की नई फसल की आवक को लेकर चिंता रही। नई फसल की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से बाजार में प्याज के दाम तेजी से बढ़े।हालांकि, सरकार के कदमों के बाद सितंबर में चीनी की कीमतों में थोड़ी नरमी आई। इसी तरह चीनी की कीमतों में भी जुलाई की शुरुआत से अगस्त के अंत तक करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान चीनी के दाम बढ़कर करीब 64 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर के साथ व्यापारियों की ओर से पहले से स्टॉक जमा करना भी कीमतों में तेजी की वजह माना गया।
सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए

निर्यात पर रोक, स्टॉक रखने की सीमा तय करना और शुल्क-मुक्त आयात जैसे उपाय शामिल रहे। इन कदमों के बादसितंबर में चीनी की कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट आई।वैश्विक हालात से महंगाई बढ़ने का खतरा रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का भी जिक्र किया गया है। चीन में घरेलू मांग कमजोर बनी हुई है और बाहरी बाजारों से मांग में भी सुस्ती है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में संघर्ष और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से दुनिया भर में महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। इन परिस्थितियों का असर भारत पर भी पड़ सकता है। खासकर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आयात की लागत बढ़ सकती है।
