मां नर्मदा तट के साथ पूरे देश और विदेश में भी मनाया जायेगा मां नर्मदा प्रगटोत्सव

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मां नर्मदा तट के साथ पूरे देश और विदेश में भी मनाया जायेगा मां नर्मदा प्रगटोत्सव

तट

मां नर्मदा तट पर जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है इस वर्ष भी मां नर्मदा का अवतरण दिवस २८ जनवरी २०२३ को है अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के आह्वाहन पर नर्मदा तट ही नहीं पूरे देश एवं विदेश में मां नर्मदा जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जायेगा अभी तक मां नर्मदा के भक्त मां नर्मदा के तटों पर ही जन्मोत्सव का पर्व मनाते थे अब अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के पदाधिकारी, प्रचारक,वालेंटियर, सदस्य एवं संगठन के सहयोगी जहां हैं उस स्थान पर मां नर्मदा तट का प्रगटोत्सव भव्यता के साथ मनायेंग।

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मां नर्मदा जन्मोत्सव पर साप्ताहिक कार्यक्रम होगा

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अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि मां नर्मदा जन्मोत्सव नर्मदा तट के साथ पूरे भारतवर्ष एवं विदेश में भी मनाया जायेगा। बैठक में निर्णय लिया गया है कि मां नर्मदा जन्मोत्सव पर साप्ताहिक कार्यक्रम होगा जिसमें मां नर्मदा अवतरण दिवस के सप्ताह पूर्व से मां नर्मदा तट सहित, पवित्र नदियों, सरोवरों, तीर्थ स्थलों, मंदिरों आदि की साफ – सफाई सेवा , वृक्षारोपण, गौशाला में गौसेवा, अस्पतालों में फल , कप़ड़े वितरण , मां नर्मदा प्रभातफेरी,पूजन अर्चन,पाठ पारायण, अन्नदान आदि कार्य किया जायेगा।

छायाचित्र के सामने मां नर्मदाष्टक पाठ के साथ पूजा एवं आरती की जायेगी

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दिवाली की तरह साफ़ – सफाई- दीपावली के त्योहार के पूर्व जैसे घरों की साफ – सफाई होती है उसी तरह अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के पदाधिकारी, वालेंटियर आदि मां नर्मदा के तटो, पवित्र नदियों, सरोवरों तीर्थ स्थलों की साफ़ – सफाई करेंगे साथ ही मां नर्मदा जन्मोत्सव के उपरांत दूसरे दिन भी अखिल भारतीय नर्मदा परिक्रमा सेवा के सहयोगी, पदाधिकारी, वालेंटियर साफ – सफाई करेंगे
मां नर्मदा के प्रगटोत्सव पर देश के अन्य हिस्सों के अलावा विदेशों में भी मां नर्मदा तट की।

श्री सतीश चौबे जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है

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प्रतिमा अथवा छायाचित्र के सामने मां नर्मदाष्टक पाठ के साथ पूजा एवं आरती की जायेगी, मां नर्मदा के तट पर वैदिक चुनरी मनोरथ, भंडारा, वैदिक दीपदान , कन्या पूजन होता है उसी तरह देश भर में घरों ,सभी धार्मिक स्थल तथा पूज्यनीय स्थानों पर मां नर्मदा का जन्मोत्सव विभिन्न सेवा कार्यों द्वारा धूमधाम से मनाया जायेगाअखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के संयोजक श्री सतीश चौबे जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है।

मां नर्मदा सेवा भावधारा से सनातन संस्कृति के सभी क्षेत्रों को संयोजित करेगे

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कलयुग की अधिष्ठात्री देवी मां नर्मदा का जन्मोत्सव नर्मदा तट के साथ ही पूरे देश में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित जम्मू कश्मीर,त्रिपूरा, तामिल नाडु, गोवा, हरियाणा, कर्नाटक,अंदामा निकोबार , कश्मीर से कन्याकुमारी तक एवं विदेश में दुबई, ओस्ट्रेलिया, नेपाल, लंदन, अमेरिका में स्थित अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के प्रतिनिधि पदाधिकारियों, सदस्यो जहां मां नर्मदा के भक्त हैं मनायेंगे और मां नर्मदा सेवा भावधारा से सनातन संस्कृति के सभी क्षेत्रों को संयोजित करेगे ।

मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के आह्वान पर देशभर में वैदिक दिप दान

अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ हमारी बिसरी वैदिक परंपरा को जीवन में सम्मिलित हो इस उद्देश्य से हरियाली अमावस्या तिथि पर २८/७/२०२२ को अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के आह्वान पर देश भर में पवित्र स्थानों, आश्रमों, बाग,खेत मेदानो तथा पवित्र नदियों के तटिय गांव, शहरों में १५०० से भी अधिक स्थानों पर लाखों की संख्या में वृक्षारोपण और वृक्ष पालन सेवा कार्य किया है, दिपावली पूजन २५/१०/२०२२ को अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के आह्वान पर देशभर में वैदिक दिप दान।

पवित्र नदियों के घाटों पर साफ सफाई सेवा जागृति अभियान चलाया गया था

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गौमाता सेवा के साथ पवित्र स्थानों, तीर्थों, मंदिरों, पवित्र नदियों के घाटों पर साफ सफाई सेवा जागृति अभियान चलाया गया था, अखिल भारतीय मां नर्मदा तट परिक्रमा सेवा संघ के स्वयंसेवकों पदाधिकारि परिक्रमा वासी भक्तों की सेवा में समर्पित सेवा क्षेत्रों को संयोजित कर उनके सहयोग उत्तम सेवा, समाधान पर भी कार्यरत है । इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में परिक्रमा मार्ग के विभिन्न अन्नक्षेत्र, सदा व्रत, आश्रमों तथा गृहस्थ सेवा को सहयोग करना ।

परिक्रमा वासी कि मुफ्त प्राथमिक आयुर्वेदिक चिकित्सा उपचार केम्प सेवा

तथा परिक्रमा वासी कि मुफ्त प्राथमिक आयुर्वेदिक चिकित्सा उपचार केम्प सेवा , तपस्वी साधु संतों कि सेवा , बाल संस्कार केन्द्र, गुरु कुल शिक्षा, आचार्यों द्वारा शास्त्री का यथारुप प्रसार प्रचार, प्रभातफेरी कीर्तन परंपरा , मंदिर घाटों के नवनिर्माण , पौराणिक मंदिर, घाटों जिर्णोद्धार ,पर्यावरण संरक्षण निमीत वृक्षारोपण, पवित्र स्थानों पर साफ़ सफाई सेवा, सहयोग, समाधान जागृति अभियान,जैविक खेती प्रसार प्रचार, जैविक रोजगार प्रोत्साहन, संस्कृति रक्षण निमित मातृशक्ति अस्मिता उत्कर्ष के कार्य ।

सभी में सनातन सत्य,आध्यात्मिकता, सहिष्णुता और मानवता का उत्कर्ष हों

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बाल संस्कार और वैदिक गुरु कुल शिक्षा से सनातन संस्कार चरित्र निर्माण कार्य, नैतिक कर्तव्य प्रति युवा शक्ति जागृति कार्य, गौमाता संरक्षण और संवर्धन के कार्य,गंदे नाले, कारखाने के प्रदुषित पानी की रोक के लिए जागरूकता, स्थानिक तथा सरकारी सहयोग से मेड़ बांध, संरक्षण दिवाल जैसे कार्य जनभागीदारी, जनजागृति सहयोग सेवा द्वारा ब्रह्मांड कल्याणी मां नर्मदा का आशीर्वाद विश्व के कोने कोने तक पहोंचे और सनातन संस्कृति और प्रकृति के साधक बनें और सभी में सनातन सत्य,आध्यात्मिकता, सहिष्णुता और मानवता का उत्कर्ष हों।

अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ के आह्वान पर देश भर विदेश में मनाये जाने वाले मां नर्मदा जन्मोत्सव में अखिल भारतीय मां परिक्रमा सेवा संघ के मां नर्मदा सेवा यज्ञ में संगठित होकर सम्मिलित होकर अपना सनातन कर्तव्य नीभाये।
नर्मदे हर जीवन भर 🙏

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