
डिजिटल नवाचार गठबंधन की स्थापना का रखा प्रस्ताव

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि वैश्विक संस्था में बदलाव अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। संयुक्त राष्ट्र जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (इब्सा) के नेताओं की बैठक में कहा कि इस त्रिपक्षीय मंच को वैश्विक संस्थाओं में सुधारों के लिए स्पष्ट संदेश देना चाहिए। वहीं, शिखर सम्मेलन में अपने तीसरे और आखिरी सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग के प्रति आगाह किया पीएम मोदी ने कहा, ऐसे समय में जब दुनिया बंटी और विभाजित नजर आती है, इब्सा एकता, सहयोग व मानवता का संदेश दे सकता है। यूएनएससी में सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, वैश्विक शासन संस्थाएं 21वीं सदी की वास्तविकताओं से बहुत दूर हैं। द. अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा व ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ बैठक में मोदी ने तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए इब्सा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तरीय बैठक को संस्थागत बनाने का प्रस्ताव रखा।>>>Visit: Samadhanvani
आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं

संयुक्त राष्ट्र -केंद्रित विकास सुनिश्चित करने में प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने तीनों देशों के बीच यूपीआई जैसे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, कोविन जैसे स्वास्थ्य मंचों, साइबर सुरक्षा ढांचे और महिलाओं के नेतृत्व वाली तकनीकी पहल को साझा प्रधानमंत्री ने कहा कि इब्सा केवल तीन देशों का समूह नहीं है, बल्कि तीन महाद्वीपों, तीन प्रमुख लोकतांत्रिक देशों और तीन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें घनिष्ठ समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा।इतने गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने मोटे अनाज, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रतिरोधक क्षमता, हरित ऊर्जा, पारंपरिक औषधियों और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों को भी रेखांकित किया एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में इब्सा नेताओं को किया आमंत्रित प्रधानमंत्री ने सुरक्षित, विश्वसनीय और मानव-केंद्रित एआई मानदंडों के विकास में योगदान देने की इब्सा की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने अगले वर्ष भारत में आयोजित होने वाले एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में इब्सा नेताओं को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इब्सा का त्रिपक्षीय मंच एक-दूसरे के विकास के पूरक और सतत विकास का उदाहरण बन सकता हैं



