
कंपनियों ने बंद किए रियल मनी गेम

ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के बाद गेमिंग इंडस्ट्री में मानो भूचाल आ गया है। एक तरफ, ड्रीम 11. माई 11 सर्कल, विंजो, मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL), जूपी जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने प्लैटफॉर्म पर कैश बेस्ड गेमिंग को बंद कर दिया है, तो वहीं यूजर्स भी इन प्लैटफॉर्म के वॉलेट में जमा अपने पैसे जल्दी से जल्दी निकालने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनके पैसे भी न डूब जाएं। इस बीच, विशेषज्ञों का कहना है कि इस पर पूरी तरह प्रतिबंध से ब्लैक-मार्केट गेमिंग का खतरा बढ़ सकता है विधेयक से सभी ‘रियल मनी’ Online गेम पर प्रतिबंध है। लिहाजा, सभी बड़ी कंपनियों ने पैसे से जुड़े सभी गेमिंग को बंद कर दिया है। ड्रीम 11 ने कहा कि नए विधेयक के तहत सभी पैसे वाले गेम और प्रतियोगिताएं रोक दी गई हैं। हालांकि ड्रीम 11 की पेरेंट कंपनी ड्रीम स्पोर्ट्स ने शनिवार को एक नया पर्सनल फाइनेंस ऐप लॉन्च किया । ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के यह ऐप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डिजिटल गोल्ड में इन्वेस्ट करने में यूजर्स की मदद करेगा।>>>Visit: Samadhanvani
यूज़र्स निकालने लगे फंड, ब्लैक-मार्केट की आशंका बढ़ी

इंडिया गेमिंग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में दुनिया के गेमिंग यूजर्स का लगभग 20% हिस्सा है और ग्लोबल गेमिंग ऐप डाउनलोड का 15.1% भारत से है। 2024 में घरेलू गेमिंग इंडस्ट्री की वैल्यू 3.7 अरब डॉलर थी, जिसके 2029 तक 9.1. अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। सरकार का कहना है कि नया कानून जुए की लत, आर्थिक बर्बादी और सामाजिक संकट कों रोकने के लिए लाया जा रहा है। कई कंपनियां तेजी से अमीर बनने के झूठे वादों से लोगों को फंसाती थीं, जिससे कर्ज, धोखाधड़ी और आत्महत्या तक के मामले बढ़ रहे थे। साथ ही यह पैसा ठगी, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग में भी इस्तेमाल हो रहा था

