
ताइवान महज एक ‘छलावा’ हो सकता है

चीन के छलावे से जब पूरी दुनिया की निगाहें वर्तमान में ताइवान पर टिकी हैं, तो वहीं एक पूर्व अमेरिकी मरीन इंटेलिजेंस अधिकारी ग्रांट न्यूशम ने भारत को लेकर एक चौंकाने वाली चेतावनी दी है। उनका मानना है कि ताइवान के शोर के बीच China किसी अन्य देश, विशेष रूप से भारत पर हमला कर सकता है। उन्होंने भारत को China के इरादों पर भरोसा न करने और हर समय सतर्क रहने की सलाह दी है। पेंटागन की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए, जिसमें 2049 तक China के “कायाकल्प” की रणनीति का जिक्र है, न्यूशम ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में किए गए हालिया बदलावों को परखने के लिए किसी मोर्चे पर युद्ध का सहारा ले सकते हैं। China 2049 तक खुद को वैश्विक महाशक्ति के रूप स्थापित करना चाहता है। न्यूशम ने कहा, “आपको हमेशा वहां देखना चाहिए जहां बाकी सबकी नजरें नहीं हैं। ताइवान पर केंद्रित हो, तो आपको – अन्य संभावित ठिकानों पर नजर – रखनी चाहिए। China की पूरी व्यवस्था, पीआर रणनीति पूरी तरह से धोखे पर आधारित है। ताइवान के नाम पर दुनिया को उलझाकर चीन भारत, दक्षिण कोरिया, दक्षिणी जापान या फिलीपींस जैसे क्षेत्रों में अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर सकता है। भारत निश्चित रूप से चीन की उस सूची में शीर्ष पर है जहां वह चौंकाने वाली कार्रवाई कर सकता है।>>>Visit: Samadhanvan
भारत निश्चित रूप से चीन की उस सूची में शीर्ष

China सेना है कि चीनी सेना ने दशकों से कोई बड़ा युद्ध नहीं लड़ा है और यह ‘अनटेस्टेड’ है। हालांकि, न्यूशम ने इस धारणा को खारिज करते हुए लद्दाख के गलवन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि China सैनिकों ने भारतीय सेना के साथ आमने-सामने की हिंसक झड़प की थी, जिसमें चीन को भारी नुकसान हुआ था। चीन भले ही “शांति की बीमारी” की बात करता हो, लेकिन वे लगातार कठोर प्रशिक्षण ले रहे हैं। जब सबकी निगाहें ताइवान पर टिकी हैं तो चीन कहीं और, संभवतः भारत पर आक्रमण कर सकता है ताइवान के नाम पर दुनिया को उलझाकर चीन भारत, द. कोरिया, जापान या फिलीपींस पर हमला कर सकता है भारत-अमेरिका संबंधों में गोर की भूमिका अहम भारत व अमेरिका द्वारा व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा के एक दिन बाद न्यूशम ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की अहम भूमिका पर जोर दिया है। कहा, गोर राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी है और भारत में उनकी नियुक्ति भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक बड़ा संकेत है।



