
भारत-रूस में दूरी बढ़ाने की अमेरिकी कोशिशों को झटका

Indiaअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुरू किए ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भारत को पुराने दोस्त रूस से निकटता बढ़ाने का मौका दिया है। इससे अमेरिका की लंबे समय से भारत और रूस के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिशों को झटका लगा है। तेल संकट से निपटने के लिए भारत ने एक बार फिर अपने पुराने सहयोगी रूस की ओर रुख तेज किया है।>>>Visit: Samadhanvan
सस्ती और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित

भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद भी तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है। अनुमान है कि रूस से आने वाला तेल India के कुल आयात का 40% तक पहुंच सकता है, जो हाल के महीनों की तुलना कच्चे में लगभग दोगुना होगा। यूक्रेन युद्ध के जिसका भारत ने बड़ा फायदा उठाया था। 44 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा था। तेल का आयात भी बढ़ेगा बाद रूस ने भारी छूट पर तेल बेचा, पिछले साल India ने रूस से करीब सहयोग तेजी से गहराता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, India और रूस के बीच तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिर से शुरू करने पर सहमति बनी है। यह यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार होगा जब रूस सीधे भारत को एलएलजी बेच सकता है। बताया जा रहा है कि 19 मार्च को नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और रूस के उप ऊर्जा मंत्री पावेला सोरोकिन के बीच हुई बैठक में इस दिशा में मौखिक सहमति बनी।



