
ट्रंप की मानसिक सेहत पर भी उठे सवाल

Iran युद्ध पर जनता को गुमराह करने व वरिष्ठ सैन्य अफसरों को हटाने के आरोपों को लेकर प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति में सुनवाई हुई। इस दौरान उनकी डेमोक्रेट सांसदों से तीखी बहस हो गई। छह घंटे की सुनवाई में माहौल गरमा गया। संसद के निचले सदन में ट्रंप प्रशासन के 1500 अरब डॉलर के रक्षा बजट पर चर्चा के दौरान यह नोकझोंक हुई। Iran पेंटागन द्वारा युद्ध की लागत 25 अरब डॉलर बताने पर डेमोक्रेट भड़क गए और उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक सेहत तक पर सवाल उठाए। इस पर हेगसंघ ने पलटवार किया कि ट्रंप सबसे तेज और सूझबूझ वाले कमांडर-इन-चीफ हैं। उन्होंने डेमोक्रेट सदस्यों से पूछा कि क्या उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की क्षमता पर कभी सवाल उठाए। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी सुनवाई में मौजूद थे।>>>Visit: Samadhanvan
यूएई के ओपेक से हटने से कम होंगी वैश्विक ईंधन कीमतें : ट्रंप

Iran अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएई के ओपेक और ओपेक गठबंधन से बाहर निकलने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इस कदम से वैश्विक तेल-गैस की कीमतें घट सकती हैं। ट्रंप ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का जिक्र कर कहा, मुझे लगता है यह बहुत अच्छा है। मोहम्मद बहुत बुद्धिमान हैं। और शायद वह अपना अलग रास्ता अपनाना चाहते हैं। Iran इससे गैस, तेल और अन्य सभी चीजों की कीमतों में कमी आएगी। उनके पास सब कुछ है। वास्तव में वह एक महान नेता हैं। मुझे कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि ओपेक में कुछ समस्याएं चल रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना कहना है कि इस फैसले के बाद तेल-गैस के दामों में तुरंत कमी नहीं आएगी। एएसके वेल्थ एडवाइजर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएई के ओपेक से हटने के चलते तेल-गैस के दामों में तुरंत कमी नहीं आएगी, लेकिन इससे समन्वित आपूर्ति नियंत्रण कमजोर हो सकता है। इस कारण समय के साथ कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव होगा। ओपेक के भीतर कमजोर एकजुटता से काटेल प्रीमियम भी कम हो सकता है। इस कारण कच्चे तेल के लिए, व्यापक और अधिक अस्थिर व्यापार सीमा बन सकती है। हालांकि इसके व्यापक प्रभावों पर चिंता जताई गई है। माना जा रहा है कि बहुत कम समय में तेल-गैस के दामों में ज्यादा फर्क नहीं आएगा लेकिन कुछ समय बाद दाम घटेंगे।



