
Iranबोला- देश से बाहर नहीं जाएगा यूरेनियम, ट्रंप ने कहा- लेकर रहेंगे

Iran वार्ता में मिल रहे सकारात्मक संकेत अमेरिका और Iran के बीच संभावित शांति समझौता एक बार फिर मुश्किलों में घिरता दिख रहा है। Iran नै साफ कर दिया है कि वह अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को किसी भी स्थिति में देश से बाहर नहीं भेजेगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि हम किसी भी तरह यूरेनियम हासिल कर लेंगे।. हालांकि, हमें इसकी जरूरत नहीं है और संभवतः हम इसे नष्ट कर देंगे। इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि समझौता करने के लिए ईरान के पास ज्यादा समय नहीं बचा है। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें 107 डालर पर पहुंच गईं। रायटर की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की ओर से भेजे गए नए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव की समीक्षा के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा आइएएनएस के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने गुरुवार को कहा कि ईरान के साथ जारी वार्ता में “सकारात्मक संकेत” मिल रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी बड़ी सफलता को लेकर सावधानी बरतने की बात भी कही। मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकता अब भी समझौते के जरिए समाधान निकालने की है। उन्होंने कहा कि हालिया संपर्कों में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन ईरान की राजनीतिक व्यवस्था बंटी हुई दिखाई देती है। खामेनेई ने निर्देश दिया है कि संवर्धित यूरेनियम किसी भी हालत में विदेशी नियंत्रण में नहीं जाना चाहिए। ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान में इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बन चुकी है।>>>Visit: Samadhanvan
Iranमुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप-नेतन्याह में फोन पर तीखी बहस

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ईरान के शीर्ष सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मानते हैं कि संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण छोड़ना देश की सुरक्षा को कमजोर कर देगा और भविष्य में अमेरिका तथा इजरायल की सैन्य कार्रवाई का खतरा बढ़ जाएगा। एपी के अनुसार, पाकिस्तान ने मध्यस्थता के प्रयास तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी के बाद अब सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी तेहरान यात्रा पर जानेवाले हैं। एएनआइ के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान की ओर से पूरी तरह संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो अमेरिका बहुत तेजी से सैन्य कार्रवाई का फैसला कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कब्जा है और ईरान वहां से गुजरनेवाले जहाजों से टोल नहीं वसूल सकता। ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित शांति समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर तीखी बातचीत हुई है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, फोन काल के बाद नेतन्याह बेहद नाराज और परेशान थे। एक सूत्र ने कहा कि बातचीत के बाद नेतन्याहू ने कहा कि उनके “बाल आग की तरह जल रहे थे”, यानी वह बेहद गुस्से और तनाव में थे। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप अब भी समझौते की संभावना के पक्ष में हैं जबकि नेतन्याहू मौजूदा बातचीत को लेकर काफी संशय में हैं और ईरान की सैन्य तथा रणनीतिक संरचनाओं के खिलाफ अधिक आक्रामक रुख अपनाने के समर्थक हैं। प्रेद्र के अनुसार, सीएनएन ने भी इजरायली सूत्रों के हवाले से कहा है कि इज़रायल सरकार का एक प्रभावशाली धड़ा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान 5 दोबारा शुरू करने के पक्ष में है। ट्रंप कद्वारा बार-बार कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता दिए जाने से इस धड़े में बोनाराजगी बढ़ रही है।



