
ट्रंप के होमेज डील खारिज करने के बाद ईरान-America के एक-दूसरे पर हमले

America ने युद्ध खत्म करने व होर्मुज समुद्री मार्ग फिर खोलने के लिए चल रही समझौता वार्ता की नाजुकता उस वक्त उजागर हुई जब बृहस्पतिवार को ईरान ने एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया। यह हमला तब हुआ जब अमेरिका ने. होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के ड्रोन अभियान पर हमला किया। ये हमले सीमित रहे, लेकिन इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान के साथ हुआ कथित समझौता खारिज कर दिया। America सेना ने चार ईरानी हमलावर ड्रोन मार गिराए और बंदर अब्बास बंदरगाह शहर में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया, जो पांचवां ड्रोन लॉन्च करने वाला था। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने भी बंदर अब्बास हवाई अड्डे के पास हुए हमले के लिए जिम्मेदार America अड्डे को निशाना बनाया। ट्रंप ने अब ओमान क्रो धमकी दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और यहां किसी एक देश का कब्जा नहीं हो सकता। दुनिया के सभी जहाजों को यहां से गुजरने की आजादी होगी। ट्रंप ने कहा कि हम होर्मुज पर नजर रखेंगे, लेकिन इसे कोई नियंत्रित नहीं करेगा। ईरान ऐसा सोच रहा है, लेकिन यह नहीं होगा। यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है। ओमान को भी बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो उसे उड़ा देंगे।दरअसल ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने के लिए ओमान के साथ मिलकर एक सिस्टम तैयार करने पर बातचीत कर रहा है। ट्रंप ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है।>>>Visit: Samadhanvan
ट्रंप की ओमान को धमकी, होर्मुज के बारे में सोचा तो उड़ा देंगे

अमेरिका-ईरान 60 दिन के संघर्ष विराम समझौते पर सहमत, ट्रंप की मंजूरी का इंतजार अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्ष विराम समझौते के मसौदे पर सहमत हो गए हैं। America एक्सिओस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि समझौते को लागू करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्षविराम को आगे बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू करना है। बताया गया है कि ट्रंप ने समझौते पर अंतिम फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य रखने पर सहमति बनी है। मसौदे के अनुसार ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्र में बिछाई गई माइंस हटानी होंगी। इसके बदले अमेरिका चरणबद्ध तरीके से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी कम करेगा।



