
अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किमी दायरे में ध्वस्त होंगे अवैध निर्माण

India-पाकिस्तान बॉर्डर के सीमावती इलाकों में जिलाधिकारी और एसएसपी की जिम्मेदारी बढ़ेगी। वे सीमा के आसापास कट्टरपंथ के केंद्रों की पहचान कर कार्रवाई करने के साथ पहले से बसे घुसपैठियों-ड्रोन-नाकों के खिलाफ ऑपरेशन चलाएंगे। सीमावर्ती जिलों में एक सुरक्षा समन्वय समूह बनाया जाए। इस समूह में बीएसएफ, तटरक्षक, इनकम टैक्स, ईडी और लीड बैंक के मैनेजर को शामिल किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के भुज में India-पाकिस्तान सीमा (आईपीबी) से लगे क्षेत्रों एवं तटीय जिलों की सुरक्षा संबंधी विषयों पर समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। सीमावर्ती इलाकों में डीएम और एसएसपी को अब अपने दायरे में घुसपैठियों का पता करना होगा। सीमा पार से आने वाले ड्रोन और नार्को के नेटवर्क की पहचान करनी होगी। सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकी परिवर्तन को लेकर डीएम को मॉनिटरिंग और नियमित रिपोर्टिंग करनी पड़ेगी। शाह ने कहा कि पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के कार्य में पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी तक, सब एकजुट होकर आगे आएं। हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और ज़रूरतों के आधार पर स्थानीय प्रशासन एसओपी तैयार करे, जिसमें पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन और सुरक्षा समन्वय समूह बनेंगे गृह मंत्री शाह ने की समीक्षा बैठक, सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी नाकों की पहचान करना सुनिश्चित हो। इनकम टैक्स, मनी लॉन्ड्रिंग और कस्टम कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डीएम, एसपी और आईजी बॉर्डर रेंज की होनी चाहिए। >>>Visit: Samadhanvan
ट्रांजैक्शन, लेनदेन, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, पर कड़ी निगरानी रखने पर बल दिया।

शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। India घुसपैठ और बॉर्डर पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किमी क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस अप्रोच रखकर उसे समाप्त किया जाए। शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथ के केंद्रों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। आयकर विभाग सर्वे के लिए चलाएगा मुहिम केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि आर्थिक अपराध से निपटने वाली एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों के बारे में कड़ाई से सूचित किया जाए। आयकर विभाग को आरबीआई के साथ मिलकर इन क्षेत्रों में सर्वे की एक बड़ी मुहिम चलानी चाहिए। India अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से निकटता को ध्यान में रखते हुए तटीय सुरक्षा और India तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय पर जोर देने की आवश्यकता है। इसके लिए वाइब्रेंट विलेजेज के साथ-साथ केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का सीमांत गांवों में 100 प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।



