डीयू व एमसीडी भी जिम्मेदार : हाईकोर्ट

हरिराम दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
हरिराम दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

दिल्ली के हॉस्टल डेज पीजी हादसे में मृतकों की संख्या 7 पहुंच गई है। दो और घायलों ने दम तोड़ दिया। करीब 27 घंटे तक मलबा हटाने के बाद सोमवार शाम बचाव अभियान पूरा हो गया। कुल 12 लोगों को निकाला गया है। इनमें से पांच छात्रों समेत सात की मौत हो गई। पांच घायलों में तीन गंभीर हैं। वहीं, पीजी के मालिक हरिराम गुप्ता को पत्नी व बेटे समेत गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच, मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हादसे के लिए सिर्फ पीजी मालिक को जिम्मेदार ठहराकर दिल्ली सरकार जवाबदेही से नहीं बच सकती। जिम्मेदारी डीयू व एमसीडी की भी है। कोर्ट ने एक पीआईएल पर एमसीडी को उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली सरकार ने पांच अफसरो को निलंबित कर दिया  दिल्ली हादसे की दर्दनाक तस्वीरों में से एक है, जिसमें मलबा हटाते समय एक व्यक्ति का हाथ दिखाई दे रहा है।

51 इमारतों पर चलेगा बुलडोजर

हरिराम दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
हरिराम दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

हाईकोर्ट ने दिल्ली की सभी पीजी की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए है। कोर्ट ने साफ कहा, लापरवाही के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी अदालत को दें। अवैध निर्माण मिला तो अफसरों की जवाबदेही तय होगी। कोर्ट ने एमसीडी से पीजी भवनों को मिली मंजूरियों, भवन नियमों के उल्लंघन और इनमें रहने वाले छात्रों की संख्या की जानकारी मांगी है। साथ ही डीयू से सरकारी छात्रावासों का ब्योरा तलब किया है। कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार, एमसीडी, पुलिस व मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद जागा एमसीडी खतरनाक घोषित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगा। मंगलवार को 51 इमारतों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया जाएगा। इस साल निगम ने राजधानी में 30,66,188 मकानों का सर्वे किया, जिनमें 51 भवन खतरनाक पाए गए। सबसे अधिक 19 खतरनाक भवन करोलबाग जोन में मिले हैं दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता (81), पत्नी उर्मिला गुप्ता (75) और बेटे महेश गुप्ता (52) को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने हरिराम व उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पीजी का बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम पर था, जबकि बेटा उसका प्रबंधन देख रहा था। वहीं, संपत्ति की रजिस्ट्री उर्मिला के नाम पर है

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