36000 फीट की ऊंचाई पर हुआ था हादसा

फुकेट से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान में सवार करीब 137 यात्री और आठ क्रू मेंबर की जान टर्बुलेंस की वजह से सांसत में नहीं आई थी, बल्कि तकनीकी गड़बड़ी व पायलट का नशे में होना जिम्मेदार था। जांच में विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम खराब होने और पायलट द्वारा नशे में विमान उड़ाने की बात सामने आई है। एअर इंडिया ने पायलट को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही 36,000 फीट की ऊंचाई पर हुए इस हादसे को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने पूर्ण दुर्घटना (एक्सिडेंट) घोषित घोषित कर दिया है। इसका सीधा असर विमान निर्माता कंपनी एयरबस, आरोपित पायलट और प्रभावित यात्रियों पर पड़ेगा। अब फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी ‘एयरबस’ और अंतरराष्ट्रीय उड्डयन एजेंसियां जांच में सीधे तौर पर कठघरे में हैं। एयरबस ए320 विमान में बैकअप के तौर पर तीन हाइड्रोलिक सिस्टम (ग्रीन, ब्लू व यलो) होते हैं। नौ सेकेंड के भीतर एक-एक करके तीनों ठप पड़ गए। आटो पायलट बंद होते ही विमान 372 फीट ऊपर उछला, फिर तेजी से करीब 300 आटो पायलट बंद होते ही पहले 372 फीट ऊपर उछला, फिर 300 फीट नीचे आ गया था
घायल 20 यात्री व चार केबिन क्रू को मिलेगा मुआवजा

फीट नीचे आ गया। रिपोर्ट बताती है कि झटका इतना तेज था कि टायलेट का कमोड अपनी जगह से उखड़ गया। इमरजेंसी एग्जिट हँडल टूट गया और 20वीं-25वीं पंक्ति के ओवरहेड लगेज बिन के दरवाजे और हैंडरेल पूरी तरह से टूट गए। हालांकि, दिल्ली में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली थी। पीटीयू की खराबी के बाद भी एक सप्ताह उड़ाते रहे विमान रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में पीटीयू (पावर ट्रांसफर यूनिट) 28 जुलाई से ही खराब थी। फिर भी पायलट मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट के तहत एक सप्ताह से विमान को उड़ा रहा था। पीटीयू वह सिस्टम है, जो ग्रीन और यलो हाइड्रोलिक सिस्टम के बीच प्रेशर ट्रांसफर करता है। एयरबस की तकनीकी टीम अंतरराष्ट्रीय उड्डयन संधि (मांट्रियल कन्वेंशन) के तहत जब किसी उड़ान की घटना को ‘दुर्घटना’ माना जाता है, तो एयरलाइन के लिए प्रभावित यात्रियों को मुआवजा देना अनिवार्य हो जाता है। इस हादसे में 24 लोग (20 यात्री और चार केबिन क्रू) घायल हुए थे। अब उन्हें पूरा हर्जाना मिलेगा।अगस्त को भारत आई थी) को अब स्पष्ट करना होगा कि तीनों बैकअप सिस्टम एक साथ कैसे ठप पड़ गए।’कंफर्मेटरी ब्लड टेस्ट’ भी नान-नेगेटिव (पाजिटिव) आना है। हादसे के वक्त को-पायलट प्लेन उड़ा रहा था। झटका लगते ही नशे में होने के आरोपित मुख्य पायलट ने कंट्रोल संभाला था। एएआइबी ने डीजीसीए से पायलट पर सख्त कार्रवाई को सिफारिश की थी। अब पायलट का फ्लाइंग लाइसेंस रद करने के साथ ही उस पर आपराधिक केस भी दर्ज किया जा सकता है। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एएआइबी को रिपोर्ट स्वीकार है। हम जांच में पूरा सहयोग देंगे
