आठ हजार की भीड जुटा देश की आवाज नहीं बन सकते राहुल

घुसपैठियों को बचाने की विपक्ष की रणनीति
घुसपैठियों को बचाने की विपक्ष की रणनीति

पिछले पांच दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर सरकार बदलने का दावा कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को तगड़ा जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी को आगाह किया कि 14 पार्टियां मिलकर डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में आठ हजार की भीड़ इकट्ठी कर देश की आवाज नहीं बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश की आवाज खेत-खलिहानों में, गांवों में, सुदूर प्प्रहाड़ियों पर, जंगलों में और नदियों के किनारे भी है, जहां कांग्रेस की कोई पहुंच नहीं है। राहुल के मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) विरोध के पीछे असली मकसद घुसपैठियों को बचाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता इसे भलीभांति समझ चुकी है और आपके झांसे में नहीं आने वाली है। 2029 में लोकसभा चुनाव में करारी हार के लिए कांग्रेस फिर तैयार रहे। पीएम मोदी की लोकप्रियता खत्म होने और निकट भविष्य में सत्ता परिवर्तन के राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के दावों को निराधार बताते हुए शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी राजग चौथी बार प्रचंड बहुमत से जीतकर आने वाला है और कांग्रेस की लगातार चौथी बार हार होने वाली है। झूठ का सहारा लेकर आप जनता का विश्वास हासिल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा और राजग के साथ है

गृह मंत्री ने कहा-झूठ का सहारा लेकर जनता का विश्वास हासिल नहीं कर सकते

घुसपैठियों को बचाने की विपक्ष की रणनीति
घुसपैठियों को बचाने की विपक्ष की रणनीति

विधानसभाओं और लोकसभा के उपचुनावों के साथ-साथ गुजरात, त्रिपुरा और राजस्थान में स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव परिणामों का हवाला भी दिया। शाह ने कहा कि गांधीनगर समेत गुजरात के दो नगर निकायों और एक नगर निगम के चुनाव में भाजपा को 104 सीटों में से 90 सीटों पर प्रचंड जीत मिली है। गांधीनगर नगर निगम में भाजपा 44 में से 38 सीटें जीतने में सफल रही, वहीं आम आदमी पार्टी 32 सीटों पर लड़ी और सभी पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। उन्होंने कहा कि गुजरात की प्रचंड जीत मतदाताओं के मूंड का द्योतक है। इसी तरह से उपचुनावों में भाजपा असम, बंगाल से लेकर पुडुचेरी तक भारी अंतर से जीतने में सफल रही, जबकि कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका। इससे साफ है कि भारत और गुजरात का मतदाता आज भी नरेन्द्र मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। यह एसआइआर के कारण नहीं, बल्कि भाजपा व मोदी की लोकप्रियता का परिणाम है। उन्होंने एसआइआर का नाम लेकर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को झुठलाने को लेकर राहुल गांधी को आगाह किया।

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