चुनाव आयोग के बाद सुप्रीम कोर्ट पर निशाना

कांग्रेस ने एक्स पर प्रधान न्यायाधीश का मांगा इस्तीफा
कांग्रेस ने एक्स पर प्रधान न्यायाधीश का मांगा इस्तीफा

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन आइएनडीआई के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक भार्च और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध याचिका दाखिल करने के बीच केरलम कांग्रेस ने एक पोस्ट कर – प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग कर दी। हालांकि पोस्ट पर विवाद के बाद पार्टी ने पोस्ट हटा ली। चुनाव आयोग के विरुद्ध विपक्षी दलों के आंदोलन के बीच ही राहुल गांधी ने प्रधान न्यायाधीश से मिलने की मांग की थी जिसे जस्टिस सूर्यकांत ने यह कहते हुए ठुकरा दी थी कि मामला सुनवाई पर है और इस बीच उनका मिलना सही नहीं होगा। यह शक्तियों के बंटवारे का भी प्रश्न है। गौरतलब है कि सोमवार को ही केरलम विधानसभा ने ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने का एक प्रस्ताव भी पारित किया जो अभूतपूर्व है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे को ध्वस्त करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट में जाकर दिखावा भी किया जा रहा है और उसे ही धमकाया भी जा रहा है। विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के विषय में पूछे जाने पर जस्टिस सूर्यकांत ने इसे कानून व्यवस्या का मामला बताया था

कांग्रेस किसी भी हद तक गिरने को तैयार: भाजपा

कांग्रेस ने एक्स पर प्रधान न्यायाधीश का मांगा इस्तीफा
कांग्रेस ने एक्स पर प्रधान न्यायाधीश का मांगा इस्तीफा

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश को अराजकता की आग में झोंकने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। सुप्रीम कोर्ट में जिस प्रकार का अशोभनीय दृश्य दिखाया गया, इसकी भारत के इतिहास में कोई मिसाल नहीं है। केरल की कांग्रेस-मुस्लिम लीग सरकार ने प्रधान न्यायाधीश को ‘डियर सूर्यकांत’ जैसे शब्दों से संबोधित किया और इस्तीफा देने की बात कही। रिजीजू ने इसे सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट और प्रधान न्यायाधीश की संवैधानिक स्वायत्तता पर हमला बताया। कहा- चुनाव आयोग के बाद कांग्रेस का हमला सुप्रीम कोर्ट पर होने की आशंका उन्हें पहले से थी और वह कह भी रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ-साथ सभी राष्ट्रद्रोही शक्तियां एकजुट हो गई हैं और इससे निपटने के लिए सभी राष्ट्रवादियों को भी एकजुट होना होगा। आपका विकल्प ढूंढ लेंगे।’ हालांकि बाद में उसने यह पोस्ट हटा ली। लेकिन हटाए जाने से पहले यह पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गई और इसकी जमकर आलोचना हुई। लिहाजा केरलम कांग्रेस ने इस पोस्ट के लिए जवाबदेह व्यक्ति को पद से हटा दिया। केरलम कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि वह पोस्ट प्रदेश कांग्रेस समिति की जानकारी, सहमति या परामर्श के बगैर की गई थी। उन्होंने साफ किया कि न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘हम इस रुख से पूरी तरह असहमत हैं, चाहे यह किसी ने भी अपनाया हो

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