चिप्स, नूडल्स, बिस्कुट के नाम पर बिक रहे हैं

मोटे अनाज की चमक बढाने को रासायनिक तरीके से हो रही हैं
मोटे अनाज की चमक बढाने को रासायनिक तरीके से हो रही हैं

पॉलिशिंगस्वास्थ्यवर्धक मिलेट्स (मोटे अनाज) के नाम पर बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। बाजार में इन्हें अल्ट्रा-प्रोसेस कर मिलेट्स चिप्स, बिस्कुट, नूडल्स, सूप बनाकर बेचा जा रहा है। यानी मिलेट्स फूड को रासायनिक और कई मशीनरी प्रक्रिया से गुजारने के बाद रेडी-टू-ईट बनाया जा रहा है। इन मिलेट्स की बिक्री भी महंगे दामों पर की जा रही है। हैरत की बात तो यह है कि स्वाद बढ़ाने के लिए पाम ऑयल, आर्टिफिशियल फ्लेवर व हाई हीट में तैयार किया जा रहा है। रिसर्च गेट जरनल में सितंबर में प्रकाशित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. अमित सचदेवा के शोधपत्र में यह खुलासा हुआ है। शोध में खुलासा हुआ है कि रेडी टू ईट खाद्य पदार्थ बनाने से आवश्यक पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और मिलेट्स फूड सेहत सुधारने की बजाय बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

मिलेट्स फूड में फाइबर व मिनरल की कमी की जा रही पॉलिशिंग

मोटे अनाज की चमक बढाने को रासायनिक तरीके से हो रही हैं
मोटे अनाज की चमक बढाने को रासायनिक तरीके से हो रही हैं

फाइबर और मिनरल की कमी होती है बल्कि विटामिन व अन्य पोषक तत्व भी न के बराबर रह जाते हैं। दूसरी ओर पैकेट बंद दलिया व अन्य मोटे अनाज की चमक बढ़ाने को की जा रही पॉलिशिंग भी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।सामान्य तरह से उपलब्ध चीजें ही खाने में बेहतर पारंपरिक अनाज का अगर सामान्य तरह से सेवन किया जाए तो यह न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि गंभीर बीमारियों से भी लड़ने में शरीर को सक्षम बनाते हैं। मोटे अनाज में आयरन, कैल्शियम, विटामिन, फाइबर समेत अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। यह मोटापा, शुगर और गंभीर बीमारियों से भी बचाते हैं। बाजरा, ज्वार, कंगनी, रागी, चना, कोदा समेत अन्य मोटा अनाज को आटा फॉर्म या प्राकृतिक रूप में खाना बेहतर होता है

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