पुरानी वेबसाइट का डाटा नई साइट पर ट्रांसफर करते समय खुलासा

हरियाणा में तीन युवकों ने मेडिकल काउंसिल की पुरानी वेबसाइट पर सेंध लगा डॉक्टर का फर्जी रजिस्ट्रेशन कर लिया। विभाग ने जब पुरानी वेबसाइट का डाटा नई पर ट्रांसफर किया तो रजिस्ट्रेशन नंबर का अलर्ट आया। इसमें बताया गया 3 रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं किए गए हैं फिर भी रजिस्टर्ड दिखाए जा रहे हैं। विभाग ने जांच की तो युवाओं के नाम सामने आए। जांच में सामने आया कि तीनों ने बिहार मेडिकल काउंसिल से एनओसी प्राप्त की है। जांच में एनओसी भी फर्जी मिली।
फर्जी एनओसी के आधार पर डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन नंबर कैसे हासिल किए गए

हरियाणा मेडिकल काउंसिल के चेयरमैन डॉ. सतीश कुमार खट्टर ने बताया कि मामले की शिकायत पंचकूला साइबर क्राइम थाने में दी गई है। इसमें सुमन कुमार, स्वर्णब और दीपक कुमार के नाम सामने आए हैं। सुमन कुमार और स्वर्णब ने रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) से एमबीबीएस की पढ़ाई करने का दावा किया था। वहीं, दीपक कुमार ने अंबाला स्थित महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी एवं मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करना दिखाया था। काउंसलिंग में तीनों में से कोई नहीं पहुंचा मामले का पता चलने के बाद हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने तीनों युवकों को डिग्री और एनओसी के दस्तावेज दिखाने (काउंसलिंग) के लिए पंचकूला स्थित कार्यालय में बुलाया था लेकिन तीनों में से कोई भी काउंसिल के कार्यालय नहीं पहुंचा। इससे अधिकारियों का शक और गहरा गया।
