एनसीईआरटी ने तैयार किया नया मॉड्यूल

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने डिजिटल क्रांति के दौर में स्कूली बच्चों को तैयार करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एनसीईआरटी ने 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का आसान मॉड्यूल तैयार किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से 109 पेज के पांच भागों में तैयार मॉड्यूल की खासियत यह है कि इसकी पढ़ाई के लिए छात्रों को पहले से कोडिंग या तकनीकी विषय की जानकारी होना जरूरी नहीं है।
वैज्ञानिक तरीके से कैसे हल बढ़ेगी सीखने की क्षमता

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश सकलानी ने बताया, एआई के बारे में छात्रों को जानना बेहद जरूरी है। इसी मकसद से इस मॉड्यूल को शामिल किया जा रहा है। इसमें एआई सिर्फ तकनीकी विषय या कोडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को अपने आसपास की घटनाओं को देखने, पैटर्न पहचानने, सवाल पूछने, गलतियों की जांच करने और अपने विवेक से निर्णय लेना सिखाने की भी कोशिश की गई है। सबसे पहले छात्रों को बताया जाएगा कि एआई हमारे जीवन में आ चुका है, इसमें मशीन कैसे उदाहरण के साथ समझाती हैं, एआई से कैसे बताएंगे एआई पर भरोसा कब करें नए मॉड्यूल का मकसद छात्रों को केवल एआई टूल का इस्तेमाल करना सिखाना नहीं, बल्कि यह समझाना भी है कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं। यह भी सिखाया जाएगा कि एआई जवाबों पर कब भरोसा करना चाहिए और इनका सुरक्षित व जिम्मेदार इस्तेमाल कैसे किया जाए।
