फ्रांस: आज फिर सड़कों पर उतरेंगे – युवा

फ्रांस में आंदोलनकारी युवाओं और श्रमिक संगठनों ने इस सप्ताहांत फिर सड़क पर उतरने की घोषणा कर रखी है। पेरिस की अदालत ने पूर्व में पुलिस की तरफ से लगाई गई पाबंदी हटाकर युवाओं को प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। ऐसे में पिछले हफ्ते के हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने की तैयार कर ली है। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने शुक्रवार को बताया कि शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों से निपटने के लिए फ्रांस विशेष इकाइयों के समर्थन से 70,000 पुलिसकर्मियों क़ो तैनात करेगा। उन्होंने अति-वामपंथी समूहों पर हिंसा और लूटपाट को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। सरकार ने चेहरा ढककर प्रदर्शन करने पर भी रोक लगा दी है। नुनेज ने कहा कि अधिकारियों ने ऑनलाइन ऐसे कई संदेशों की पहचान की है जो कट्टर-वामपंथी समूहों ने भेजे थे। इनमें कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाने के लिए उकसाया जा रहा था। इस बीच, पेरिस प्रशासन ने प्रदर्शन से पहले सड़कों से कूड़ेदान, अवरोधक और निर्माण सामग्री हटाने का फैसला किया है, ताकि इनका इस्तेमाल हिंसा या तोड़फोड़ के लिए न हो सके। कुछ अन्य शहरों में भी सोमवार तक चेहरा ढकने वाले कपड़ों और आतिशबाजी की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल से गहराया संकट रोम

ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से इटली में संकट गहरा गया है। दक्षिणी इटली में ट्रक चालकों की हड़ताल और सड़क जाम के कारण सामान की सप्लाई बाधित हो गई है। सुपरमार्केट में दूध, अंडे, फल सब्जियां और दूसरी जरूरी चीजें खत्म होने लगी हैं।पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन नहीं मिल रहा है। कैंपानिया क्षेत्र में करीब 90% पेट्रोल पंपों का ईंधन खत्म हो चुका है। प्रधानमंत्री जियॉर्जिया मेलनी ने बृहस्पतिवार को ट्रक चालकों, किसानों और मछुआरों के लिए करीब 200 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की। प्रदर्शन कर रहे ट्रक चालकों ने इसे नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि चक्का जाम जारी रखेंगे।
