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पानी पीने के साथ खाने की आदत कैसे करें कंट्रोल, गटागट पीने से भी नुकसान

पीने के साथ खाने की आदत कैसे करें कंट्रोल गटागट पीने से भी नुकसान 3

पानी डाइजेशन सिस्टम को कैसेखराब करता है

पानी पीने के साथ खाने की आदत कैसे करें कंट्रोल, गटागट पीने से भी नुकसान

पानी पीने से पाचन में दिक्कत होती है। खाने खाने के दौरान एक-दो सिप या उसके बाद (water)  पी सकते हैं। आयुर्वेदाचार्य अमित सेन बता रहे हैं वाटर का पाचन में क्या योगदान हैखाने के हर निवाले के बाद या बीच-बीच में  पीते हैं। खाने के साथ इसी वजह से पानी का गिलास भी रखा जाता है। आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए हानिकारक बताया गया है। खाने के साथ वाटर पीने से पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है।

इसकी वजह से गैस, सीने में जलन जैसी दिक्कतें भी शुरू हो जाती हैं। खाने के साथ पीने की वजह से खाने में मौजूद पोषक तत्व वाटर में घुलकर यूरिन के साथ बाहर निकल आते हैं। ऐसा होने से शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स नहीं मिल पाते, जिसका असर इम्यूनिटी पर भी पड़ता है खाना पचाने का काम करती है।  आज का राशिफल जानिये गुरूवार, 25 अगस्त 2022

खाना खाते हुए या खाने के तुरंत बाद पीने से जठराग्नि कम हो जाती है, जिसकी वजह से खाना ठीक तरह से पच नहीं पाता। गैस्ट्राइटिस (जठराग्नि) आमाशय (stomach) की ऊर्जा की तरह काम करती है। खाते वक्त या उसके तुरंत बाद = पीने की गलती दोहराने की वजह से देर तक भूख नहीं लगना, पेट में भारीपन महसूस होना और अपच की समस्या होती है।

पानी पीने से कैलोरी करता है कंट्रोल

पानी पीने के साथ खाने की आदत कैसे करें कंट्रोल, गटागट पीने से भी नुकसान

खाना खाने से आधे घंटे पहले (water) पीना चाहिए। इससे भूख कुछ कम लगती है और जरूरत से ज्यादा खाने से बचते हैं। ध्यान रखें कि, खाना खाने से ठीक पहले पानी नहीं पीना चाहिए। आयुर्वेद की मानें तो खाने के पहले वाटर पीने से शरीर कमजोर होता है। वहीं खाने के आधे घंटे बाद पानी पीना सबसे बेहतर माना जाता है।

खाने खाने के दौरान या उसके बाद वाटर पीने से शरीर को खाने को तोड़ने और उसे प्रोसेस करने में मदद मिलती है और खाना पचता है। खाने के दौरान प्यास लगने पर बड़े तो थोड़ी देर कंट्रोल कर लेते हैं लेकिन बच्चों के लिए यह मुश्किल है। उनमें खाने-पीने की आदतें बचपन से ही पड़ जाती हैं इसलिए अपनी आदत सुधारने के साथ-साथ बच्चों में भी खाने के दौरान वाटर  पीने की आदत डालना जरूरी है। अगर जरूरी हो, तो छोटे ग्लास में थोड़ा पानी भरकर सामने रखें और तीखा लगने पर या जिद करने पर ही बच्चे को एक सिप पानी दें।

शरीर में जो सेल (कोशिकाएं) फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस नहीं बना पाती हैं, सिकुड़ जाती हैं। इससे मांसपेशियों में थकान होती है और मसल्स ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।पानी पीने और वजन कम होने के पीछे मुख्य वजह यह है कि वाटर में वसा, कैलोरी और कोलेस्ट्रॉल तीनों नहीं होता। साथ ही यह प्राकृतिक रूप से भूख कम करने का काम करता है।

गटगट पानी पीना नुकसानदायक सिप लेकर पिएं

पानी पीने के साथ खाने की आदत कैसे करें कंट्रोल, गटागट पीने से भी नुकसान

कम मात्रा में वाटर पीने से वसा शरीर में इक्ट्ठा हो जाती है। अतिरिक्त वसा को कम करना है, तो ज्यादा मात्रा में वाटर पिएं। पर, ध्यान रखें कि एक बार में ही अधिक मात्रा में पानी न पिएं, इससे वाटर इंटॉक्सिकेशन होने की आशंका रहती है, साथ ही किडनी पर भी दबाव बढ़ेगा। इसलिए थोड़ी-थोड़ी मात्रा में (water)पानी पिएं।      Delhi Police Driver Recruitment 2022 | दिल्ली पुलिस ड्राइवर 1400 पदों पर भर्ती

एक सांस में पानी का एक गिलास गटक जाते हैं तो इस आदत को बदलने की जरूरत है। =हमेशा गिलास में लेकर छोटे-छोटे सिप लेकर पीना चाहिए। आयुर्वेद कहता है कि गलत तरीके से पानी पीने पर ढेर सारी बीमारियां होती हैं, जिसमें से एक है डाइजेशन सिस्टम खराब होना।पानी पीने का फायदा आपको तभी मिल सकता है जब आप उसे सही तरीके से पीते हैं। जानिए क्या है सही तरीका। वाटर पीने से बॉडी में मौजूद जहरीले पदार्थ बाहर निकलते हैं। इतना ही नहीं, वाटर बॉडी सेल को जरूरी न्यूट्रिशन पहुंचाने से लेकर स्किन को हेल्दी रखने और जोड़ों को ग्रीस देने का काम करता है। बॉडी में पानी की कमी इन पर असर डालती है और वाटर की अहमियत के बारे में बताती है।

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