64 साल बाद शीर्ष-3 में जगह पाने उतरेगा भारत

 

नए चेहरे 310 पुरानी स्वर्णिम छाप छोड़ेंगे 17 खिलाड़ी और पांच टीमें
नए चेहरे 310 पुरानी स्वर्णिम छाप छोड़ेंगे 17 खिलाड़ी और पांच टीमें

एशियाई खेलों में इस बार भारतीय चुनौती नए और युवा चेहरों पर है। भारतीय दल में 310 ऐसे नए खिलाड़ी हैं जो पहली बार एशियाई खेलों में भाग लेने जा रहे हैं, लेकिन निगाहें पुराने चेहरों पर रहेंगी। भारतीय दल में 17 खिलाड़ी और पांच टीमें ऐसी हैं जो एशियाई खेलों में अपने पिछले स्वर्णिम प्रदर्शन की छाप जापान में फिर से छोड़ने के लिए उतर रहे हैं। मनु भाकर के साथ भारतीय दल के ध्वजवाहक बने शॉटपुटर तजिंदर पाल सिंह तूर लगातार तीसरे एशियाड स्वर्ण के लिए जोर लगाएंगे। वहीं, पिछले एशियाड की 3 स्वर्ण विजेता कंपाउंड तीरंदाज ज्योति सुरेखा स्वर्णिम प्रदर्शन दोहराने व लगातार चौथे एशियाड में पदक जीतने के लिए उतरेंगी। 2014 और 2018 के एशियाड में चार गुणा 400 मीटर रिले और 400 मीटर में स्वर्ण जीत चुकीं एथलीट एमआर पूवम्मा इस बार भी रिले में देश के लिए स्वर्णिम पदक की की आशा हैं।

एथलेटिक्स-शूटिंग से उम्मीद

नए चेहरे 310 पुरानी स्वर्णिम छाप छोड़ेंगे 17 खिलाड़ी और पांच टीमें
नए चेहरे 310 पुरानी स्वर्णिम छाप छोड़ेंगे 17 खिलाड़ी और पांच टीमें

भारत ने पिछले एशियाड में 28 स्वर्ण समेत कुल 106 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया था। इस प्रदर्शन में शूटिंग और एथलेटिक्स ने अहम भूमिका निभाई थी। एथलेटिक्स में छह स्वर्ण समेत 29 पदक और शूटिंग में सात स्वर्ण समेत 22 पदक मिले थे। इस बार भी भारतीय दल की 100 से अधिक पदक जीतने की कोशिश है, जिसमें इन दोनों खेलों का अहम योगदान रहेगा।इवेंट में भारत करेगा शिरकत। 356 पदकों की इवेंट में भारत पेश करेगा चुनौती। 310 खिलाड़ी पहली बार एशियाड में 36 खेलों में उतरेंगे। 501 भारतीय खिलाड़ी जापान में उतरेंगे

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