चुनाव : 20 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में बंद, नतीजे आज

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव का करीब एक माह से चल रहा चुनावी संग्राम शुक्रवार को मतदान के साथ समाप्त हो गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए मैदान में उतरे 20 उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में बंद हो गया है। इस बार चुनाव में करीब 1.51 लाख छात्र मतदाता थे। कुल 40.46% मतदान हुआ, जो पिछले साल के 39.45% के मुकाबले 1.01% अधिक है। शनिवार को होने वाली मतगणना में तय होगा कि डीयू की छात्र राजनीति की कमान किसके हाथ जाएगी। सुबह की पाली में करीब 39.77% मतदान हुआ। एनएसयूआई, एबीवीपी, आइसा और एएसएपी के उम्मीदवारों के बीच हुए मुकाबले में मतदान की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। कैंपस और आउटर कॉलेजों में शुरुआती घंटों में मतदान केंद्रों पर छात्रों की भीड़ कम दिखाई दी, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद मतदान में तेजी आई।
ड़ी सुरक्षा के बीच मतदान के लिए जाते छात्र

चुनाव के लिए 1,000 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से 960 मशीनों को मतदान के लिए लगाया गया था। 40 मशीनें रिजर्व रखी गई थीं। मतदान के दौरान 12 कुंट्रोल रूम संचालित किए गए। तकनीकी खराबी की स्थिति से निपटने के लिए विशेषज्ञों को भी उपलब्ध रखा गया था। हालांकि, कहीं से भी ईवीएम में खराबी की शिकायत नहीं मिली। आचार संहिता की उड़ीं धज्जियां छात्र राजनीति के सबसे बड़े केंद्र माने जाने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (इयू) आतिशबाजी और चुनाव वाहनों के काफिले दौरान आचार से शक्ति प्रदर्शन संहिता के उल्लंघन के के मामले देखने को मिले। हाईकोर्ट की चेतावनी के बावजूद चुनाव प्रचार के दौरान नियमों की अनदेखी और शक्ति प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। नॉर्थ और साउथ कैंपस के अलावा आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों के बाहर भी बड़ी संख्या में पर्चियां और पोस्टर नजर आए। उम्मीदवारों और समर्थकों की ओर से मतदान के लिए जा रहे छात्रों को नाम और बैलेट नंबर वाली पर्चियां बांटी गईं। कई जगह समर्थकों ने सड़क पर पर्चियां उड़ाईं। श्यामलाल कॉलेज के बाहर आतिशबाजी भी की गई। वहीं, महंगी गाड़ियों के काफिलों के कारण विश्वविद्यालय परिसर के आसपास यातायात प्रभावित हुआ और कई जगह जाम की स्थिति बनी।
