
ATS ने छांगुर के भतीजे सबरोज व साले के बेटे शहाबुद्दीन को पकड़ा

आजमगढ़ में छांगुर के अवैध धर्मांतरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए आजमगढ़ में ठिकाना बनाने वाले उसके भतीजे सबरीज व साले के बेटे शहाबुद्दीन को उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के साथ ही एटीएस. भी उतरौला में बृहस्पतिवार से ही देरा जमाए दोनों गिरफ्तारी में सफलता मिली।छांगुर के सहयोगी रशीद की शुक्रवार को गिरफ्तारी हुई थी। बीते दिनों एटीएस ने छांगुर व नीतू को सात दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। उनसे पला चला था कि आजमगढ़ में हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराने के लिए उसके भतीजे सबरोज उर्फ इमरान उर्फ बुद्धं ने टीम बनाई थी।रशीद और शहाबुद्दीन उसके प्रमुख सहयोगी थे। आजमगढ़ के धाना देवगांव में छांगुर के भतीजे के साथ ही मधपुर के रशीद और शहाबुद्दीन के खिलाफ अवैध धर्मांतरण का मुकदमा वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। तीनों छांगुर के इशारे पर आजमगढ़ में धर्मांतरण में जुटे थे। तीनों क्षेत्र में गोपनीय रूप से सक्रिय थे और बिखर रहे छांगुर के गिरोह को एकजुट करने का प्रयास कर रहे थे। सबरोज लोगों को दिलासा दे रहा था कि ज्यादा दिन छांगुरं जेल में नहीं रहेंगे, छूट कर आएंगे। छांगुर के कुछ खास करीबियों से विरोध करने वालों को धमकी भी दिलवा रहे थे।
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कारोबार की कोठी से धर्मांतरण तो आसवी बुटीक से विदेश में फैला रहा था

गिरोह की पड़ताल में जुटी ईडी: विदेशी कारोबार में माहिर नवीन के खातों की जांच में मिले सुराग धर्मांतरण को संगठित रूप से संचालित करने के लिए छांगुर ने उतरौला में ही एक और अड्डा बना रखा था। ईडी व एटीएस की जांच में साक्ष्य मिले हैं कि मधपुर की कोठी में में वह गिरोह को पालता था और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी करता था। विदेश में कारोबार फैलाने का कार्य सुभाषनगर स्थित आसवी बुटीक कॉम्प्लेक्स से संचालित कर रहा था। आसवी बुटीक को दुकान के रूप में विकसित तो किया गया था, लेकिन काले कारनामों को यह अहम अड्डा बन गया था। वहीं पर छांगुर, नीतू और नवीन ने अपने काले कारनामों से जुड़े सभी सबूत छुपाए हुए थे। इनमें विदेशी खातों से जुड़े अभिलेखों के साथ ही एग्रीमेंट भी थे।



