
भारत ने कहा कि स्थानों का नाम बदलने से संबंधित

Arunachal Pradesh भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। झूठे दावों से वास्तविकता नहीं बदल सकती चेताया-सुधर रहे रिश्तों को पटरी से उतार सकती हैं ऐसी हरकतें भारत ने चीन की ओर से Arunachal Pradesh के कई स्थानों को मनगढ़ंत नाम देने की कोशिश पर कड़ा एतराज जताते हुए शातिराना चाल करार दिया है। भारत ने कहा कि स्थानों का नाम बदलने से संबंधित क्षेत्रों की संप्रभुता में कोई बदलाव नहीं होता। भारत ने यह भी चेताया कि ऐसी हरकतें दोनों देशों के सुधर रहे रिश्तों को फिर पटरी से उत्तार सकती हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम चीन की ओर से हमारी जमीन के किसी भी हिस्से को मनगढ़ंत नाम देने के शातिराना प्रयास को स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं। जायसवाल ने कहा, चीन के झूठे दावे करने और निराधार बातें गढ़ने के ऐसे प्रयास इस अटल वास्तविकता को नहीं बदल सकते कि Arunachal Pradesh सहित ये सभी स्थान और क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। क्षेत्रीय कूटनीति पर इसके व्यापक प्रभाव का जिक्र करते हुए जायसवाल ने चेतावनी दी, चीन की ऐसी एकतरफा कोशिशें कूटनीतिक चैनलों के जरिये द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति में बाधा डाल सकती हैं।>>>Visit: Samadhanvan
हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव

जायसवाल ने कहा कि चीन की ये गतिविधियां भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने के चल रहे प्रयासों को प्रभावित करती हैं। चीन को ऐसे कामों से बचना चाहिए, जो संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करते हैं। जून, 2020 में लद्दाख के गलवां में चीन और भारत की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव आ.गया था। पिछले डेढ़ वर्षों में दोनों पक्षों ने संबंधों को फिर से दुरुस्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन, हाल. ही में जारी नई सूची में चीन ने भारतीय क्षेत्र के कुछ स्थानों के नाम बदल दिए हैं।



