
Judiciary के History में पश्चिमी उत्तर प्रदेश कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर अन्तर्गत थाना बादलपुर पुलिस एवं कदाचित सहायक पुलिस आयुक्त (द्वितीय) सेन्ट्रल नोएडा, कार्यालय समेत प्रॉपर्टी डीलिंग के कार्य में व्यस्त है और, अनावश्यक रूप से जाँच के नाम पर भोले भाले लोगों को कानून की धाराओं का डर दिखाकर,judiciary के इतिहास में भू माफिया ओमदत्त शर्मा के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग के कार्य में व्यस्त होने का मामला प्रकाश में आ रहा है.विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी एवं प्राप्त साक्ष्य से ज्ञात है कि, ओमदत्त शर्मा (सपा) नेता स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर्स को करोड़ों रुपये महँगे ब्याज दर पर ब्लैकमनी फाइनेंस करता है फिर, धोखे से उनकी संपत्ति एवं फर्म सभी पर अपना ही कब्ज़ा जमाकर, करोड़ों रुपये का फ़्रॉड करके छोटी छोटी डीलर फर्म के पार्टनर्स को आत्म हत्या करने पर विवश कर देते हैँ और, स्थानीय बादलपुर पुलिस एवं सहायक आयुक्त (द्वितीय) सेन्ट्रल नोएडा कार्यालय भू माफिया को कवर फायर देते नज़र आते हैँ.
क्या 13/08/2025 को पुलिस मुख्यालय गौतमबुद्धनगर समेत सभी थानों लगा था ताला?

विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि, एस0जी0सी & एसोसिएट पार्टनरशिप फर्म के साथ ओमदत्त शर्मा (सपा नेता) ने करोड़ों रुपये का भूमि घोटाला किया और, कई करोड़ रुपये (ब्लैक मनी) को ज़मीन में निवेश कर वाइट बनाने का काम किया है जिससे, तंग आकर, फर्म के पार्टनर ने द्वारा अधिवक्ता उच्च न्यायालय अन्तर्गत धारा 80 सीपीसी 1908 एक विधिक नोटिस दिनांक 02/09/2025 द्वारा स्पीड पोस्ट एवं व्हाट्सप्प प्राप्त करवाया तो, भू- माफिया ने स्थानीय पुलिस से साठ – गांठ कर, एसजीसी & एसोसिएट के पार्टनर्स सोनू कुमार एवं यतेंद्र चौधरी के विरुद्ध दिनांक 13/10/2025 को झूठा गोलीकांड की शिकायत दी, जिसकी जाँच सहायक आयुक्त (2) कार्यालय में विचाराधीन है और, थाना बादलपुर एसएचओ, धारा 80 सीपीसी नोटिस न्यायिक प्रक्रिया का अंश नहीं मानते है और, judiciary के इतिहास में आज दिनांक 15/12/2025 की अपराह्न लगभग 12:00 बजे उसी फर्जी गोलीकांड में, सोनू कुमार के एक कर्मचारी अमरेंद्र को लगभग 3 घण्टे विधि विरुद्ध बिना किसी एफआईआर पंजीकरण के सोनू कुमार के विपक्षी भू-माफिया ओमदत्त शर्मा के निर्देश पर बादलपुर थाना के हिरासत में रखा गया और, बाद में कई बार फोन करने पर उसे छोड़ा गया.>>>Visit: Samadhanvani
भू – माफिया पुलिस को इच्छित वरदान देने वाली कामधेनु साबित हो रहे हों

judiciary के इतिहास में वैसे न्याय प्रणाली एवं न्यायपालिका के इतिहास में कदाचित न तो, कभी ऐसा हुआ और न ही कभी होगा कि, किसी जिले का पुलिस मुख्यालय समेत पूरे जिले के थानों में पूरे 2 माह तक ताला लगा रहा हो किन्तु, ये सच्चाई है गौतमबुद्धनगर में ऐसा हुआ है कि, दिनांक 13 अगस्त 2025 से 12 अक्टूबर 2025 को जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस या तो कॉमा में थी या फिर ताला लगा था, तभी तो, एक भू माफिया के इशारे पर फर्जी गोलिकांड की जाँच में दिलचस्पी लें रही है? बहराल सच क्या है ये समाज व कानून के विद्वान बेहतर निष्कर्ष निकाल सकते हैँ अन्यथा क्या वजह हो सकती है कि, judiciary के इतिहास में पुलिस भू माफिया ओमदत्त शर्मा के निर्देश का अनुपालन कर रही है, सवाल पूँछ रही है कि, सोनू कुमार व अन्य ओमदत्त शर्मा को उसकी प्रॉपर्टी क्यों नहीं विक्रय करने दें रही है, कोई पुलिस को समझाओ कि, ये न्यायपालिका का कार्य है किन्तु, क्या हो सकता है, जब भू – माफिया पुलिस को इच्छित वरदान देने वाली कामधेनु साबित हो रहे हों, judiciary के इतिहास में पुलिस किसके साथ होंगी, कोई समझें न समझें समाज व कानून के विद्वान तो समझते ही हैँ.बहुत पहले, लगभग आज से 4 या 5 दशक पहले मुरधन्य कथाकर मुंशी प्रेम चन्द ने कहा था कि, तनख्वाह तो पूनम का चाँद होती है, जो महीने में 1 दिन ही पूरी दिखाई देती है जबकि, रिश्वत खुदा की वो नेमत है जो दिन दूनी और रात चौगुनी बरसती है. दशको पहले मुंशी प्रेम चन्द द्वारा कही, लिखी बात आज सचमुच चरितार्थ हो रही है? यदि नहीं तो इसे पढ़े, परखे और, फिर मुझे कमैंट्स कर बतायें.
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डा0वी0के0सिंह
(वरिष्ठ पत्रकार)
प0उ0प्र0/ कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर.



