
युवाओं की पसंद बन रही खादी, सेमिनार में दिखा ‘फैशन विद सस्टेनेबिलिटी’ का विजन

Khadi को मिला नया बाजार और नया आत्मविश्वास जिला पंचायत अध्यक्ष ने हर घर स्वदेशी, घर घर स्वदेशी का दिया नारा Khadi को पारंपरिक परिधानों की सीमाओं से बाहर निकालकर आधुनिक फैशन और बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में अलीगढ़ मंडल में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। छर्रा स्थित कृष्ण कुंज फार्म हाउस में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित मण्डल स्तरीय Khadi सेमिनार ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि खादी अब केवल विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की सस्टेनेबल और ट्रेंडी पहचान बन रही है। मा० जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने सेमिनार का फीता काटकर उद्घाटन करते हुए कहा कि खादी आज ‘वोकल फॉर लोकल’ से आगे बढ़कर ‘ग्लोबल अपील’ की ओर अग्रसर है। उन्होंने जोर दिया कि Khadi केवल स्वदेशी का प्रतीक नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का भी मजबूत माध्यम है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि हर घर स्वदेशी, घर घर स्वदेशी होना चाहिए। अपनी संस्कृति संस्कार नही भूलना चाहिए। खादी का उपयोग करें। मां, माटी और ममता को नहीं भूलना चाहिए। सभी को अपने राष्ट्र से प्रेम करना चाहिए। प्लास्टिक पॉलीथिन को त्यागें। मिट्टी को पहचानें। दादी नानी की बातें सुनें और बच्चों को सुनाएं। सेमिनार का खास आकर्षण विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल रहे, जहां पारंपरिक खादी को आधुनिक डिजाइन और फैशन ट्रेंड के साथ प्रस्तुत किया गया। कुर्ता, जैकेट, हैंडलूम उत्पादों से लेकर डेकोरेटिव आइटम तक, Khadi के विविध रूपों ने यह संकेत दिया कि यह सेक्टर अब तेजी से बाजारोन्मुख हो रहा है। परिक्षेत्रीय खादी ग्रामोद्योग अधिकारी संजीदा बेगम ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता में कभी किसी एक व्यक्ति का नही बल्कि सामूहिक मेहनत ही रंग लाती है। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह के स्नेह की सराहना की। सेमिनार ने चयनित ग्राम प्रधानों को 2000 रुपया और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम बन्नादेवी, सर्वोदय Khadi आश्रम साकरा, जनसेवा आश्रम रामपुर, बुनकर ग्रामोद्योग समिति छर्रा, सुमन खादी ग्रामोद्योग समिति धनसारी, जनता ग्रामोदय खादी आश्रम नई बस्ती छर्रा, सेवा सदन खादी आश्रम छर्रा और अरिदमन सेवा आश्रम छर्रा, सुमित खादी सेवा सदन एटा, अनुज खादी ग्रामोद्योग छर्रा, राधा खादी सेवा समिति छर्रा, खादी ग्रामोद्योग मण्डल कासगंज सहित कई संस्थाओं ने भाग लेकर यह दिखाया कि कैसे खादी को डिजाइन, गुणवत्ता और पैकेजिंग के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।>>>Visit: Samadhanvan
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल, प्रधान सम्मानित :




