
चीनी मांझे पर जल्द बनेगा सख्त इंज कानून

Government ने हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ को बताया है कि कांच के कणों से युक्त घातक चीनी मांझा के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए जल्द ही सख्त कानून लाया जाएगा। Government ने यह भी कहा कि नए कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी किया जाएगा। प्रस्तावित कानून का नाम ‘उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम’ रखा जा सकता है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ को राज्य – Government की ओर से बताया गया कि पुलिस अधिनियम में आवश्यक संशोधन पर भी विचार चल रहा है। – साथ ही, चीनी मांझा के खिलाफ हाल ही में विशेष अभियान भी चलाया गया था। यह जानकारी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें प्रदेश में चीनी मांझा के आयात, बिक्री और उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। राज्य सरकार की दलीलों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम पर विचार-विमर्श में तेजी लाई जाए और अगली सुनवाई से पहले इसे ठोस रूप दिया जाए। अदालत ने कहा कि इस अवैध और खतरनाक प्रथा को रोकने के लिए लगातार और नियमित प्रयास जरूरी हैं। साथ ही, लोगों को मांझे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।>>>Visit: Samadhanvan
अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई

Government 11 मां को हुई पिछली सुनवाई में पतंग और पारंपरिक सामग्री के व्यापारियों की ओर से हस्तक्षेपकर्ता ) अधिवक्ता एसएमएच रिजवी ने कहा था कि चीनी मांझा के खिलाफ अभियान की आड़ में गैर-हानिकारक पारंपरिक सामग्री भी जब्त की जा रही है और व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। इस पर कोर्ट न राज्य सरकार को निर्देश दिया कि केवल अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और वैध व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पतंग और उससे संबंधित सामान बेचने वाले व्यापारियों को निरीक्षण और जांच में प्रशासन का सहयोग करना होगा।



