पार्टी में आकाश के भविष्य के बारे में अब मायावती ही फैसला लेंगी

संगठन को मजबूत करने के काम से नहीं रोका गया भविष्य के बारे में अब बसपा सुप्रीमो ही लेंगी फैसला बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटने के बाद आकाश आनंद के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं। आकाश फिलहाल बसपा सुप्रीमो मायावती के सोशल मीडिया पर जारी बयानों को फॉलो कर अपनी निष्ठा जता रहे हैं। उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ भी बसपा सुप्रीमो की नाराजगी को कम करने के लिए इसी राह पर हैं। वहीं दूसरी ओर बसपा ने फिर संगठन में अहम फेरबदल करते हुए दो युवा चेहरों मोहित आनंद और नितिन सिंह को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अशोक सिद्धार्थ के मुकाबले आकाश को लेकर पार्टी हाईकमान का रुख अभी लचीला है। इसी वजह से आकाश को पार्टी से बाहर करने पर सहमति नहीं बन सकी। आकाश से भले ही सारी जिम्मेदारियां वापस ले ली गई हैं लेकिन उन्हें संगठन को मजबूत करने के काम से रोका नहीं गया है।
चुनाव पर दिख रहा कलह का असर

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बसपा में पारिवारिक कलह का नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है। आकाशं की जनसभाओं की तमाम प्रत्याशी मांग कर रहे थे। सितंबर में उनका पूर्वांचल में कई जनसभाएं करने का कार्यक्रम भी तय हो चुका था। अब आकाश के समर्थक सोशल मीडिया पर उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं और उनके निष्कासन के लिए कुछ पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व को गुमराह किया है।
