ईरान युद्ध, टैरिफ और करेंसी से छेड़छाड़ पर तीखी तकरार

कनाडा ने दी खुली चेतावनी, कहा-डरते नहीं एशविले (नॉर्थ कैरोलिमा)। अमेरिका के नीचे कैरोलिना में आयोजित जी 20 वित मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नर्स की बैठक में उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्प के आर्थिक मॉडल को दुनिया के सामने रोल मॉडल की तरह पेश करने को उल्टो पड़ गई। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेमेट नै सम्मेलन के लगभग हर सत्र की शुरुआत यह कहते हुए की कि दुनिया को ट्रंप प्रशासन की नीतियों की नकल कारनी चाहिए। लेकिन मेज के दूसरी तरफ बैठे अमेरिका के फरंपरिक सहयोगी-जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा ने इस आत्ममुग्धता को स्वीकार करने के बजाय अमेरिकी नीतियों पर दुनिया की आर्थिक तरक्की को पटरी से जी-20 बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधि।
13 गुना ताकतवर देश से मत भिड़ो

सम्मेलन के दौरान सबसे तीखी जुबानी जंग अमेरिका और उसके उत्तरी पड़ोसी कनाडा के बीच देखने को मिली। वित्त मंत्री बेसेंट ने सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में कनाडा का उपहास उड़ाते हुए से कहा-मुझे नहीं लगता कि आपको किसी ऐसे देश से आंख में आंख मिलाकर भिड़ना चाहिए जो आपकी अर्थव्यवस्था से 13 गुना बड़ा है। इस बयान पर पलटवार करते हुए कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन ने कहा-हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। अमेरिका दुनिया की कंप्यूटिंग क्षमता और डीरेगुलेशन एआई सुपरपावर है। हमारी बेजोड़ हैं। बाकी दुनिया हमारे साथ आकर तरक्की करे। के फ्रांस्वा फिलिप शैम्पेन (कनाडा के वित्त मंत्री): कनाडा अपने कामगारों और उद्योगों की हर कीमत पर रक्षा करेगा
