भारत-चीन में भरोसा और बढ़ा
ऑपरेशन सिंदूर : 314 किलोमीटर दूर से पाकिस्तानी विमान तबाह किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई बातचीत के बाद दोनों देशों में आपसी भरोसा और बढ़ा है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा, हमारे रिश्ते अब निचले स्तर से उबरकर सुधार और नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच सबसे महत्वपूर्ण सहमति यह बनी कि भारत और चीन को एक-दूसरे का साझेदार होना चाहिए, प्रतिद्वंद्वी नहीं। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जिनपिंग को आश्वस्त किया कि भारत की अपनी स्वतंत्र विदेश नीति है और भारत किसी को भी अपनी जमीन से चीन विरोधी गतिविधियां चलाने की अनुमति नहीं देगा। चीन भारतीय पीएम के इस आश्वासन को बहुमूल्य मानता है। वांग यी ने कहा, वार्ता के दौरान राष्ट्रपति शी ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की ताकतों से सीख सकते हैं, सहयोग कर सकते हैं
सीमा पर कम हुए चीन के सैनिक
राजस्थान-पंजाब बॉर्डर से ड्रोन की ज्यादा घुसपैठ

कूटनीतिक व सैन्य वार्ताओं के कारण कम हुआ है। इसके कारण चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों का जमावड़ा बेहद कम हो गया है।रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया है, 2025 में चीन ने अपने सैनिकों की संख्या घटा दी। भारत की सतर्कता में ढील नहीं लद्दाख और अरुणाचल की चीन से लगती सीमा पर गलवां झड़प के बाद दोनों देशों के 50 हजार से अधिक सैनिक तैनात थे। हालांकि रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अपनी सतर्कता में कोई ढील नहीं दी है। एलएसी के सभी सेक्टरों में सेना मजबूती से स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। दोनों नेताओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व स्थिरता बनाए रखने पर पूरी सहमति जताई और द्विपक्षीय संबंधों चीन बोला-भारत ने आश्वस्त किया कि उसकी | जमीन का इस्तेमाल हमारे विरोध में नहीं होगा रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना व वायुसेना के कारनामों की भी जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है, वायुरक्षा प्रणाली एस-400 ने 314 किलोमीटर की दूरी से पाकिस्तान के एक स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट को तबाह कर इतिहास रच दिया। ऑपरेशन में शानदार प्रदर्शन के लिए वायुसेना कर्मियों को 219 वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। जम्मू-कश्मीर में पथराव की एक भी घटना नहीं विरोध प्रदर्शन कम हुए हैं और पथराव की 2025 में एक भी घटना सामने नहीं आई। साल 2025 के दौरान आतंकवादियों के घुसपैठ की 6 कोशिशें की गईं, जिनमें 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया। मंत्रालय ने बताया, 2025 में ड्रोन घुसपैठ की कुल 863 घटनाएं रिपोर्ट हुईं। खास बात यह है कि इनमें जम्मू-कश्मीर से सिर्फ 9, जबकि राजस्थान-पंजाब सीमा के जरिये 854 घुसपैठ हुई। सैन्य बलों ने स्यूफर और जैमर के प्रभावी इस्तेमाल से आईबी सेक्टर में कुल 237 ड्रोन मार गिराए।
