वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहराया संकट

 

 

 

लाल सागर पर कब्जा करने के बाद जश्न मनाते हूती विद्रोही
लाल सागर पर कब्जा करने के बाद जश्न मनाते हूती विद्रोही

बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य तक पहुंचे विद्रोही, सऊदी अरब की गुहार पर अमेरिका का मदद से इन्का ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मोखा बंदरगाह पर कब्जे के एक दिन बाद शुक्रवार को यमन के लाल सागर से लगे तटीय क्षेत्र और संवेदनशील समुद्री इलाकों पर कब्जा जमा लिया। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक मार्गों में एक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूतियों के सीधे नियंत्रण से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा गहरा गया है। ईरान-अमेरिका जंग के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित होने के बाद से यह क्षेत्र सऊदी अरब के लिए तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग रहा है। सऊदी अरब ने हूतियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई भी शुरू की है। उसने हूती ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अमेरिका से मदद भी मांगी लेकिन उसने अनसुना कर दिया। एक मीडिया रिपोर्ट में दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया

ऊर्जा आपूर्ति का अहम मार्ग

लाल सागर पर कब्जा करने के बाद जश्न मनाते हूती विद्रोही
लाल सागर पर कब्जा करने के बाद जश्न मनाते हूती विद्रोही

बाब अल-मंदेब का पूरा इलाका ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब ने लाल सागर के इस मार्ग का उपयोग तबसे बढ़ा दिया है जब होर्मुज मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया था। सीधे तौर पर जंग में नहीं उतरना चाहता अमेरिका…. अमेरिका ने सीधे तौर पर सैन्य मदद देने से इन्कार कर दिया है क्योंकि वह एक और मोर्चे पर जंग में नहीं उतरना चाहता है। लेकिन सऊदी बलों की मदद के लिए खुफिया जानकारी और टार्गेटिंग डाटा साझा करने पर सहमति जताई है। अमेरिका ने अपने करीब 100 सैन्य सलाहकारों को वहां तैनात कर रखा है।

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