राजनीति में हारे, भ्रम फैला रहे : भाजपा

राहुल गांधी ने कहा, भारत में सत्ता-विरोधी लहर नाम की एक बुनियादी ताकत होती है जो विरोध करना शुरू कर देती है और किसी को नहीं बख्शती। इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध जीता, मगर उनके खिलाफ एक-दो साल में सत्ता विरोधी लहर बन गई। लेकिन नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के साथ ऐसा नहीं होता। सत्ता-विरोधी लहर का पूरी तरह से गायब हो जाना तो सद्दाम हुसैन के इराक और उत्तर कोरिया में भी नहीं होता। राहुल ने पत्रकारों को शाह और मोदी के वीडियो दिखाए। एक में शाह कह रहे हैं कि भाजपा 30 साल सत्ता में रहेगी। वहीं दूसरे में पीएम अबकी बार 400 पार का नारा लगाते दिख रहे हैं। सरकारी गवाह बन जाएं सीईसी यही उनकी देशभक्ति होगी
राहुल ने कहा, लोकतांत्रिक माहौल में कोई नेता ऐसे बयान नहीं दे सकता

राहुल ने कहा, मेरी तरह दोनों चुनाव आयुक्त भी अब कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार गड़बड़ी के जिम्मेदार हैं। बोट लोकतंत्र की नींव है और चुनाव आयोग इसका रक्षक। इसके जरिये वह संविधान की रक्षा करता है। अगर वोट खत्म हो गया, तो संविधान भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने सीईसी को सरकारी गवाह बनने का प्रस्ताव देते हुए कहा, यही देशभक्ति होगी।
