एनसीआर पर छाया प्रदूषण का साया, प्रभावी हुआ ग्रेप-1, हापुड़ सर्वाधिक प्रदूषित शहर

तापमान में गिरावट और हवा की गति कम होने से एनसीआर में वायु प्रदूषण का साया गहराने लगा है। बुधवार को 100 दिनों के बाद एक बार फिर से दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई और एक्यूआइ 246 तक पहुंच गया। इससे पहले सबसे अधिक एक्यूआइ 13 जुलाई को 246 ही दर्ज किया गया था। ग्रेटर नोएडा, नोएडा सहित एनसीआर के अन्य कई शहरों में श्री. हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। 290 एक्यूआइ के, साथ हापुड़ एनसीआर में सर्वाधिक प्रदूषित रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा में एक्यूआइ 280 तो नोएडा में यह 249 दर्ज किया गया। अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (ग्रेप) का पहला चरण लागू कर दिया।
एक्यूआइ 201 से 300 होने पर ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू की

बुधवार को सुबह से ही दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में थी। सुबह से स्माग की हल्की परत छाई * रही। सुबह एक्यूआइ 230 था और दोपहर बाद यह 246 तक पहुंच गया। इसे देखते हुए ग्रेप को लेकर गठित उप समिति ने बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। का कहना है कि मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआइ 179 (मध्यम श्रेणी) में था और बुधवार को गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई। अगले छह दिनों तक खराब श्रेणी में रह सकता है एक्यूआइः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आइआइटीएम) -के पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में एक्यूआइ खराब श्रेणी में बना रहेगा। इसे देखते हुए ग्रेप के पहले चरण के अंतर्गत सभी उपायों सीएक्यूएमको तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, स्काई मेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि जमीन पर तापमान कम है और ऊपर के वायु मंडल में अधिक। हुवा की गति भी मंद है। इससे प्रदूषण बाहर नहीं निकल सका। इसलिए स्माग की परत बन गई। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले छह दिनों तक एक्यूआइ खराब श्रेणी में रह सकता है।
