2031 तक 170 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) और बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की एक संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, यदि उद्योग जगत विश्वास, पहुंच, मूल्य निर्धारण और उत्पाद की उपयोगिता से जुड़ी चिंताओं को दूर कर ले तो वैश्विक डिजिटल गोल्ड बाजार मौजूदा 45-55 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 160-170 अरब डॉलर (करीब 16.10 लाख करोड़ रुपये) का हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बाधाओं को दूर करने से लंबी अवधि में 700 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त मांग पैदा हो सकती है। हालांकि, डब्ल्यूजीसी ने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा निकट, अवधि का बाजार को दर्शाता है।
भारत की मजबूत स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बाजारों में बैंकिंग एप्स और भुगतान प्लेटफार्मों जैसे मुख्यधारा के चैनलों के माध्यम से डिजिटल गोल्ड उपलब्ध है, वहां पैठ की दर सात गुना तक अधिक दर्ज की गई है। अकेले भारत में 12 करोड़ से अधिक ग्राहक डिजिटल गोल्ड लेनदेन से जुड़ चुके हैं। डब्ल्यूजीसी ने कहा कि डिजिटल गोल्ड पारंपरिक सोने या गोल्ड ईटीएफ से पैसा मोड़ने के बजाय बाजार में नए निर्वेशकों को ला सकता है। अनुमाने है कि कुल नई मांग का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा उन लोगों से आएगा जो : वर्तमान में सोना नहीं रखते हैं।
