कॉमनवेल्थ में हर जगह बेटियों का योगदान दुनिया ने देखी तिरंगे की ताकत

                              कॉमनवेल्थ गेम्स तिरंगे की ताकत को दुनिया ने यूक्रेन में देखा

कॉमनवेल्थ में हर जगह बेटियों का योगदान दुनिया ने देखी तिरंगे की ताकत

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों से अपने सरकारी आवास पर शनिवार सुबह 11 बजे मिले। मोदी ने कहा आप लोग स्कूलों में जाएं और आज के युवा आपको रोल मॉडल के रूप में देखते हैं। आपसे से प्रेरित होकर आपके जैसा बनने की कोशिश करता है

मोदी बोले- आप लोगों ने बर्मिंघम में तिरंगे का मान बढ़ाया है। तिरंगे की ताकत को दुनिया ने यूक्रेन में देखा था। तिरंगा युद्धक्षेत्र से बाहर निकलने में भारतीयों का ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लोगों के लिए भी सुरक्षा कवच बन गया था।

कॉमनवेल्थ में बेटियों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। मैंने ओलिंपिक गेम्स के बाद विनेश से कहा था कि निराश होने की जरूरत नहीं है। मुझे खुशी है कि विनेश ने निराशा को आशा में बदलने में सफल हुई हैं। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। जूडो, कुश्ती, है।वहीं आपकी ये जज्बा देश की बेटियों को प्रेरित करेगी।

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देश की आजादी के लिए हमारे वीर सपूत उतरे

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मोदी ने कहा कि गर्व की बात है कि आपकी मेहनत और प्रेरणादायी उपलब्धि से देश आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में, राष्ट्र ने खेल के क्षेत्र में दो प्रमुख उपलब्धियां दर्ज की हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन के अलावा, देश ने पहली बार शतरंज ओलिंपियाड की मेजबानी की।

कॉमनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले कहा था कि आप जीतकर आओगे तो आप लोगों के साथ विजय उत्सव मानऊंगा। आप सभी को मेडल जीतने पर बधाई। आप बर्मिंघम में मुकाबला कर रहे थे, वहीं करोड़ों भारतीय रात में जागकर आपकी जीत के लिए दुआ करते थे। खेलों के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने में आप लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

पीएम ने कॉमनवेल्थ खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा- जिस तरह से देश की आजादी के लिए हमारे वीर सपूत उतरे थे, उसी तरह आप भी मैदान में क्षेत्रीय भेदभाव को भूलकर एक साथ देश के लिए मेडल जीतने के लिए उतरते हैं। अभी ये शुरुआत है। हम इतने संतुष्ट होकर बैठने वाले नहीं हैं। भारत का खेलों का स्वर्णिम काल शुरू हो चुका है। खेलों इंडिया और टॉप्स ने नई प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वूपर्ण योगदान है। अब आप एशियन गेम्स और ओलिंपिक गेम्स की तैयारी करें।

भारतीय पहलवानों ने 6 गोल्ड एक सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीते

कॉमनवेल्थ में हर जगह बेटियों का योगदान दुनिया ने देखी तिरंगे की ताकत

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में सबसे ज्यादा मेडल रेसलिंग और वेटलिफ्टिंग में जीते हैं। भारत 18वीं बार इन खेलों में हिस्सा ले रहा था और इसमें कुल 104 पुरुष और 103 महिलाओं ने हिस्सा लिया। भारत के लिए पुरुषों ने 35 और महिलाओं ने 26 मेडल अपने नाम किए। रेसलिंग में भारत ने कुल 12 मेडल अपने नाम किए। इस खेल में भारतीय पहलवानों ने 6 गोल्ड एक सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल जीते।

भारतीय दावेदार नीरज चोपड़ा चोटिल होने के कारण बर्मिंघम नहीं जा पाए। इसके बावजूद भारत ने एथलेटिक्स में 2010 के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। भारत ने इस बार एथलेटिक्स में 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज जीते। 2014 और 2018 में भारत ने एथलेटिक्स में 3-3 मेडल ही जीते थे।

कॉमनवेल्थ गेम्स पीएम ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के समारोह के साथ मेल खाती हैं. पीएम मोदी ने तिरंगे की शक्ति के बारे में बात करते हुए कहा कि तिरंगे की ताकत क्या होती है, ये हमने कुछ समय पहले ही यूक्रेन में देखा है. तिरंगा युद्धक्षेत्र से बाहर निकलने में भारतीयों का ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लोगों के लिए भी सुरक्षा कवच बन गया था. मुझे खुशी है कि खेलो इंडिया के मंच से निकले अनेक खिलाड़ियों ने इस बार बेहतरीन प्रदर्शन किया है

पीएम मोदी ने कहा, “बॉक्सिंग हो, जूडो हो, कुश्ती हो, जिस प्रकार बेटियों ने डॉमिनेट किया, वो अद्भुत है. आप सभी देश को सिर्फ एक मेडल नहीं देते, सेलिब्रेट करने का, गर्व करने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी सशक्त करते हैं. आप खेल में ही नहीं, बाकी सेक्टर में भी देश के युवाओं को बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं.

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