पंजाब में पराली जलाने के मामले 1,500 पार

 

अमृतसर में 191 मामले, निगरानी व कार्रवाई तेज करने के निर्देश
अमृतसर में 191 मामले, निगरानी व कार्रवाई तेज करने के निर्देश

दिवाली से पहले ही देश के उत्तरी हिस्से में वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर एप के हवाले से ये आंकड़े सुबह 8:05 बजे के हैं। पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में इस सीजन में अब तक 1,514 खेतों में आग लगाने के मामले दर्ज किए हैं। इनमें तरनतारन में 472, अमृतसर में 191 व फिरोजपुर में 186 मामले सामने आए हैं। इन तीन जिलों में ही राज्य के कुल 56% से अधिक मामले दर्ज हुए हैं।

यूपी के प्रमुख शहरों में प्रदूषण बढ़ा

अमृतसर में 191 मामले, निगरानी व कार्रवाई तेज करने के निर्देश
अमृतसर में 191 मामले, निगरानी व कार्रवाई तेज करने के निर्देश

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए शीतकालीन कार्य योजना और वाहनों पर प्रतिबंध लागू करने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा। एक नवंबर से दिल्ली में गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक और जांच से दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा, दिल्ली-गाजियाबाद और दिल्ली-सोनीपत मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगीं। कई जगह चालकों को वापस लौटाया गया। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-6 से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने वाली अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने से इन्कार कर दिया है।

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