कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास पर जन महाभियोग

चुनाव आयुक्त (सीईसी) और एसआईआर पर रविवार को महारैली से एक दिन पहले इंडिया गठबंधन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर प्रतीकात्मक जन महाभियोग आयोजित किया। इसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार पर छह आरोप लगाए गए और देशद्रोह के आरोप में कोर्ट में केस चलाने का प्रस्ताव पास किया गया। 3:23 घंटे चली प्रतीकात्मक संसद में सीईसी पर भाजपा के इशारे पर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने व मतदाता सूची में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए गए। संसद की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। खरगे ने आरोपपत्र पढ़ा। सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत 19 विपक्षी दलों के 215 सांसद कार्यक्रम में शामिल हुए। विपक्ष रविवार दोपहर 12 बजे वोट बचाओ, देश बचाओ रैली के लिए कनॉट प्लेस से मार्च निकालकर रामलीला मैदान पहुंचेगा प्रतीकात्मक संसद में खरगे ने सीईसी के खिलाफ आरोपपत्र पढ़ा।
विपक्ष की छद्म संसद में सीईसी पर 6 आरोप, आज रामलीला मैदान में रैली

चुनाव चुराने की साजिश रची गई। एसआईआर के जरिये 13.2 करोड़ वोटरों के नाम जानबूझकर हटाए गए। संसद की निगरानी या जानकारी के बिना फॉर्म 6 को बदल दिया ईआरओनेट/ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर से मतदाता सूची पर कब्जा किया बाकी दो चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रखा। अकेले फैसले लिया। मोदी-शाह के इशारे पर काम किया आयुक्तों की नियुक्ति का कानून वापस लें खरगे ने कहा, सीईसी व अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ा 2023 का कानून वापस लिया जाए। एसआईआर रैब प्रक्रिया रोकी जाए। इस कानून से सीईसी को कार्रवाई से व्यापक संरक्षण मिलता है राहुल ने कहा, सीईसी ज्ञानेश पर देशद्रोह का केस चलना चाहिए और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
