दिल्ली तक 11वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म

चालक-परिचालक गिरफ्तार, परी चौक से नोएडा सेक्टर- 63 जाने के लिए सवार हुई थी छात्रा परी चौक से नोएडा सेक्टर-63 जाने के लिए स्लीपर बस में सवार हुई 17 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ चालक और कंडक्टर के सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता के बयान के आधार पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि वारदात नोएडा में हुई। घटना के बाद आरोपी छात्रा को दिल्ली में कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र में रिंग रोड के किनारे उतारकर फरार हो गए। पीड़िता के थाने पहुंचने पर पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के तहत सीमा विवाद में उलझे बिना मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के मुताबिक, चार अगस्त की रात करीब 17 साल की लड़की कश्मीरी गेट थाने पहुंची। उसने बताया कि परी चौक से सेक्टर-63 जाने के दौरान स्लीपर बस में चालक और कंडक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
दिल्ली के कश्मीरी गेट में उतारा, फुटेज खंगाली

पुलिस ने तत्काल उसका मेडिकल कराया और बयान के आधार पर मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कुछ ही घंटों में बस की पहचान कर उसे वजीराबाद की पार्किंग से जब्त कर लिया गया। चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर क्राइम और फोरेंसिक टीम से उसकी जांच कराई। टीम ने बस के भीतर से कई साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब आरोपियों के बयान, फोरेंसिक दिल्ली के कश्मीरी गेट में उतारा, रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जांच के दौरान पुलिस ने बस के भीतर गहरे रंग के पर्दे लगे पाए। इन पर्दों की वजह से बाहर से बस के अंदर का दृश्य आसानी से दिखाई नहीं देता था। निर्भया कांड के बाद सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई अनिवार्य व्यवस्थाएं लागू की गई थीं। इनमें बस के अंदर का दृश्य रोकने वाले पर्दों पर रोक, चालक-कंडक्टर का पुलिस सत्यापन, वर्दी पर नेम प्लेट, पैनिक बटन, सीसीटीवी और जीपीएस जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
