त्रिशूली-3ए सुरंग में फंसे हैं 35 श्रमिक…898 कामगार फंसे

नेपाल में सुरंगों में फंसे लोगों को तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। 2,502 लोग लापता हैं। इनमें 512 विदेशी नागरिक हैं। अब तक 9435 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अपनों को खोजने के लिए लोग तस्वीरें लेकर अस्पतालों के सामने खड़े हैं। शवों की पहचान के लिए आए परिजन अपना दर्द छिपा नहीं पा रहे।नेपाली सेना ने कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 361 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला है। पर, रसुवा व नुवाकोट में अब भी 898 कामगार फंसे हुए हैं। नुवाकोट की त्रिशूली-3ए परियोजना में जवान सुरंग में छेद बनाकर अंदर पहुंचे, पर वहां कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बचावकर्मियों ने छह इंच का छेदकर पाइप से ऑक्सीजन व भोजन भेजा है। सैन्य अफसरों क मुताबिक, त्रिशूली-3ए में 35 कर्मचारियों के फंसे होने का अनुमान है। चार किमी लंबी सुरंग में रोशनी, हवा के लिए चार छेद किए गए हैं। इसके जरिये सुरंग में जाने पर सात मीटर व्यास वाले हिस्से में काफी ऊंचाईनेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनात ने संसद की प्रतिनिधि सभा को बताया कि विभिन्न स्थानों पर 80 सुरक्षाकर्मी लापता हो गए, जिनमें नेपाली सेना के 44 जवान भी हैं। सुरक्षा बलों ने अब तक 72 शव बरामद किए हैं। इनमें 23 महिलाएं व तीन बच्चे हैं। हादसा इतना भयावह था कि चंद सेकंड में ही तबाही मच गई। एक वायरल वीडियो में रसुवा सीमा के पास चीन का दोमंजिला आव्रजन
मोदी ने बालेन से की बात, कहा-हरसंभव मदद देंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात कर घटना पर दुरा जताया। कहा, नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए भारत तैयार है। हमारी टीमें बचाव व राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं। कार्यालय, उसके पास मौजूद दर्जनों बसें व गाड़ियां व कई लोग सैलाब में बहते नजर आए। सैलाब आने से चंद सेकंड पहले कई लोग वीडियो में भागते दिखे। पानी के अचानक बहाव में किसी को बचने का मौका नहीं मिला। सभी कीचड़ व मलबे में दब गए। सैलाब का असर तिब्बत (चीन) में भी हुआ है और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है पल में पांच मंजिला इमारत तबाह तिब्बत-नेपाल सीमा पर चीन के इमिग्रेशन सेंटर को 5 मंजिला इमारत 5 सेकंड क सैलाब में बह गई। बाढ़ की लहर ने पलभमें बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस बिल्डिंग में सद्गुरु जग्गी वासुदेव को टीम के 77 लोग भी कैलाश मानसरोवर के लिए मौजूद थे। वे भी लापता हैं।
भूकंप से टूटा ग्लेशियर… 3 मिनट बाद तबाही
चीन के 265 लोगों का पता नहीं चला चीन की सरकारी एजेंसी के अनुसार उसके तिब्बत वाले हिस्से में तोन लोगों की मौत हो गई। 265 लोग लापता हैं। इनकी तलाश व बचाव के लिए 145 अफसरों सैनिकों को टीम भेजी गई। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया, सुबह 8:37 बजे (नेपाल समय) तिब्बत इलाके में भूकंप आया और उसके तीन मिनट बाद अचानक सैलाब की खबर मिली। इससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से ग्लेशियर टूटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप की तीवत्य 4.4 थी।
