आयुर्वेद के और 19 डॉक्टर मिले फर्जी, रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी

41 डॉक्टरों के खिलाफ पहले ही दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट मरीज को देखने पर भी लगाई गई रोक
41 डॉक्टरों के खिलाफ पहले ही दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट मरीज को देखने पर भी लगाई गई रोक

आयुर्वेद के 19 डॉक्टरों की डिग्री फर्जी मिली है। इन सभी ने फर्जीवाड़ा करके आयुर्वेदिक, यूनानो तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड में पंजीयन करा लिया। इनमें से किसी ने अस्पताल खोल लिया है तो कोई नामचीन अस्पताल में नौकरी कर रहा है। बोर्ड ने इन सभी का पंजीयन रद्द करके उनके खिलाफ तहरीर दी है। प्रदेश में अगस्त में आयुर्वेद के 41 आयुर्वेद डॉक्टरों की डिग्री फर्जी मिली थी। इन सभी का पंजीयन रद्द करके उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच कर रही है। इस बीच बोर्ड ने वर्ष 2015 के बाद पंजीयन कराने वाले सभी डॉक्टरों का नाए सिरे से सत्यापन शुरू कराया। अब तक की जांच में 19 की डिग्री भर्ती मिली है। इन सभी ने मध्य प्रदेश राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा से डिग्री ली है। सत्यापन में संबंधित कॉलेजों और यूनवर्सिटी ने इन सभी की डिग्री को फर्जी करार दिया है। ऐसे में बोर्ड ने इनका पंजीयन रद्द कर दिया है। बोर्ड ने इन सभी को नोटिस भेजा है। इनके खिलाफ हुसैनगंज थाने में तहरीर गई है। हुसैनगंज के थानाध्यक्ष शिवमंगल सिंह का कहना है कि दी तहरीर मिली है।

14 ने वर्ष 2021-22 में तो पांच ने वर्ष 2024 में पंजीयन कराया

41 डॉक्टरों के खिलाफ पहले ही दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट मरीज को देखने पर भी लगाई गई रोक
41 डॉक्टरों के खिलाफ पहले ही दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट मरीज को देखने पर भी लगाई गई रोक

बोर्ड से पंजीयन रद्द होने के बाद ये डॉक्टर मरीजों का उपचार नहीं कर सकते हैं। अब इनके अस्पतालों की जांच की जाएगी। आयुर्वेद निदेशालय ने सूची के आधार पर संबंधित जिलों के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि इन डॉक्टरों का पंजीयन रद्द हो गया है। ऐसे में तत्काल इनके अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया जाए। ये कहीं पर भी मरीज देखते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। एफआईआर में इसे भी सम्मिलित किया जाएगा। पहले से 41 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में साक्ष्य जुटाए जा रहे है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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