2017 से पहले सरकार माफिया के सामने नाक रगड़ती थी: योगी

 

 

 

16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक
16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश के हर जिले में दुर्दात माफिया का बोलबाला था। समानांतर सरकारें चलती थीं। माफिया के सामने सरकार नाक रगड़ती थी और घुटने टेकती थी। पुलिस मजबूर थी। राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही टेढ़ी हो तो कानून-व्यवस्था को सीधा कैसे किया जा सकता है। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को लोकभवन सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक और 10 साहसी पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया। इस अवसर पर सीएम ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचनकिया। सूर्यास्त के बाद आवाजाही लगभग बंद हो जाती थी। उस समय डीजीपी रहे प्रकाश सिंह ने इन चुनौतियों का सामना किया। पुलिस सुधारों के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष सड़क हादसों में 23 से 24 हजार लोगों की जान जाती है। इसे रोकने के लिए 87 नए इंटरसेप्टर वाहन दिए गए हैं। इससे प्रदेश में इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या 172 हो गई है। इनमें स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर, टिंट मीटर और डेसिबल मीटर लगे हैं।

राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित

16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक
16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक

आईपीएस निपुण अग्रवाल, आईपीएस अशोक कुमार मीणा, आईपीएस डॉ. दीक्षा शर्मा, एएसपी स्वतंत्र कुमार सिंह, डिप्टी एसपी कुलदीप कुमार, इंस्पेक्टर अमित, इंस्पेक्टर गीतेश कपिल, इंस्पेक्टर रिपुदमन सिंह, दरोगा अंगद सिंह यादव, दरोगा मुन्ने सिंह, सिपाही देवदत्त सिंह, सिपाही राजन कुमार, सिपाही रितुल कुमार वर्मा, सिपाही नीरज कुमार पाल, सिपाही प्रवीण अहलावत व सिपाही संदीप कुमार।इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राठौर, दरोगा केशव शांडिल्य, हेड कांस्टेबल राहुल कुमार, दरोगा अजय कुमार वर्मा, एसटीएफ इंस्पेक्टर घनश्याम यादव, दरोगा अवनीश कुमार त्यागी, एसटीएफ सिपाही अमित त्रिपाठी, इंस्पेक्टर अमित, इंस्पेक्टर मनीष बिष्ट और हेड कांस्टेबल रणधीर सिंह

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