भाजपा के पास 255 विधायक व सहयोगी दलों के पास 33 विधायक

 

क्रॉसवोटिंग की आशंका से राजनीतिक दलों में दहशत
क्रॉसवोटिंग की आशंका से राजनीतिक दलों में दहशत

यूपी राज्यसभा चुनाव : क्रॉसवोटिंग की आशंका से राजनीतिक दलों में दहशत उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी की नजर राज्य के उन माननीयों पर है जो आगामी विधानसभा चुनाव में अपना टिकट कटने की आशंका में डरे हुए हैं। दोनों ही दलों की तरफ से ऐसे विधायकों को अपने पाले में लाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही इस कवायद में असंतुष्ट और आशंकित विधायकों को आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पंसद की जगह से टिकट देने के संकेत दिए जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं, जबकि सपा ने रामगोपाल यादव व धनराज नथवानी को उतार दिया है।

चुनावों के लिए अगर वोटिंग की नौबत आई तो क्रॉसवोटिंग का खेला

क्रॉसवोटिंग की आशंका से राजनीतिक दलों में दहशत
क्रॉसवोटिंग की आशंका से राजनीतिक दलों में दहशत

चुनाव में एक सीट निकालने के लिए प्रथम वरीयता के 37 वोटों की जरूरत होगी। जरूरी संख्या का जुगाड़ होने पर सपा अपना तीसरा प्रत्याशी उतारेगी, वहीं भाजपा भी तय कर लेगी कि उसे 8 सीटों पर ही उम्मीदवार उतारने हैं या और आगे बढ़कर खेलना है। यूपी विधानसभा में सदस्य सुधाकर सिंह, श्याम बिहारी लाल, विजय सिंह, उमाशंकर सिंह, आलमबदी, अनिल कुमार व छोटे लाल की मृत्यु हो जाने से सात सीट रिक्त हैं। इसलिए 403 सदस्यीय सदन की प्रभावी सन संख्या 396 है। भाजपा के 255, अपना आ दल सोनेलाल के 13, राष्ट्रीय लोकदल उ के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 व निर्बल शोषित हमारा समाज निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं। इसके अलावा जनसत्ता दल के दो विधायक व असंबंद्ध तीन विधायकों का सपोर्ट भी एनडीए के खेमे को माना जा रहा है। इस तरह एनडीए के पाले में कुल 293 विधायकों का समर्थन हैं।

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