भारत पर 100% टैरिफ का संकट टला

 

रूस-अमेरिका डील होते ही ट्रंप ने रोका कानून
रूस-अमेरिका डील होते ही ट्रंप ने रोका कानून

रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले भारत समेत अन्य देशों पर अमेरिका के 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ का खतरा फिलहाल टल गया है। रूस से डीजल खरीदने की डील होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस व ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध वाला क़ानून रोक दिया है।ट्रंप ने इसे अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया है। हालांकि, यह राहत स्थायी नहीं है। वाशिंगटन भविष्य में इस छूट को वापस लेकर भारत-चीन समेत रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर फिर दबाव बना सकता है। ट्रंप का फैसला ऐसे समय आया है, जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत कच्चे तेल ही जरूरत का 85% हिस्सा आयात से पूरा करता है। इसमें 45% हिस्सेदारी रूस की है। यू-टर्न के पीछे मध्यावधि का दबाव भी

रूसी तेल खरीदने वाले देशों को राहत

रूस-अमेरिका डील होते ही ट्रंप ने रोका कानून
रूस-अमेरिका डील होते ही ट्रंप ने रोका कानून

ट्रंप के फैसले के पीछे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जमीनी सच्चाइयां और महंगाई का दबाव मुख्य वजह रहा है। नवंबर में वहां मध्यावधि चुनाव होने हैं।यदि भारत-चीन जैसे विशाल खरीदार रूसी तेल से दूरी बना लेते, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति चरमरा जाती और ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगतीं। अमेरिकी मतदाताओं के बीच महंगाई का असंतोष थामने के लिए यह फैसला लेना पड़ा।रूस से डीजल समझौते के बाद रूसी ऊर्जा खरीद पर दूसरे देशों को दंडित करने की अमेरिका की नीति पर सवाल भी उठ रहे थे।ट्रंप ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट पर सितंबर में हस्ताक्षर किए थे। इसमें रूसी तेल व गैस खरीदने वाले 5 प्रमुख देशों भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ का प्रावधान था।आदेश में अमेरिकी अफसरों को रूसी तेल खरीद पर नजर रखने को कहा गया है। यानी टैरिफ लागू नहीं होंगे, पर निगरानी का विकल्प खुला रहेगा

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