जंतर-मंतर मार्च से वाहनों की रफ्तार व थमी, 5 घंटे तक जाम में फंसे रहे लोग

एक तरफ जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे मार्च में नारे गूंज रहे थे, तो दूसरी तरफ लुटियंस दिल्ली की सड़कों पर पांच घंटे तक जाम में फंसे लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही थी। किसी को ट्रेन पकड़नी थी, कोई अस्पताल जाने की जल्दी में था तो किसी को होटल से निकलकर अपनी अगली यात्रा के लिए रवाना होना था। लेकिन रास्ते बंद थे और गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। लोग बार-बार मोबाइल पर समय देखते और रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। विवार को जंतर-मंतर की ओर निकले मार्च के कारण नई दिल्ली इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। अशोक रोड सर्किल पांच घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इसके चलते नई दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मुख्य मार्गों पर दबाव बढ़ने के साथ ही वैकल्पिकरास्ते भी जाम की चपेट में आ गए। जाम के बीच एक एंबुलेंस भी फंसी नजर आई। सायरन बजने के बावजूद आगे वाहनों की लंबी कतार होने सेउसके लिए रास्ता बनाना आसान नहीं था।
आसपास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान

मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस बसों में ले जा रही थी। इसी दौरान बसों में प्रदर्शनकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारी बसों की छत पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद बसों के शीशे तोड़ दिए गए। कुछ प्रदर्शनकारी टूटे शीशों वाली खिड़कियों से कूदकर सड़क पर आ गए। बसों की छत पर चढ़े प्रदर्शनकारियों को नीचे उतारने के लिए पुलिसकर्मी जुट गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के छत से कूदने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड को खींचकर सड़क की ओर कर लिया और उस पर बैठकर झूले की तरह झूलने लगे। कई युवा बैरिकेडिंग पर बैठकर नारे लगाते रहे।
