चीनी की जमाखोरी पर सख्ती

 

Black marketing रोकने के लिए 10 केंद्रीय टीमें करेंगी राज्यों का दौराBlack marketing रोकने के लिए 10 केंद्रीय टीमें करेंगी राज्यों का दौरा

Black marketing रोकने के लिए त्योहारों से पहले बढ़ती कीमतों और कृत्रिम कमी की रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने चीनी के जमाखोरों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमायल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व पंजाब समेत कई राज्यों में निर्देश जारी किया गया है कि कोई भी थोक चीनी डीलर 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। वहीं, कालाबाजारी बर लगाम व चोनी स्टॉक की जांच बड़ताल के लिए 10 केंद्रीय टीमें नलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगी। हाल में देशभर में चीनी के दामों में दोतरी हुई है। 20 जुलाई को चीनी कीमत 48.18 रुपये प्रति किग्रा जो 20 अगस्त को 55.70 रुपये गई। कई शहरों में खुदरा दाम 70 रुपये तक पहुंच गए हैं। केंद्र व राज्य सरकारों के अधिकडीणों की संयुक्त टीमें जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच के लिए मिलों में चीनी स्टॉक का सत्यापन कर रही है। राज्य सरकारों ने थोक विक्रेताओं, डीलरों व अन्य संबंधित कारोबारियों के स्टॉक की जांच के लिए निरोधन टीमें बनाने और औचक जांच के निर्देश दिए है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि लोग परेशान न हो, राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है।हर शुक्रवार देनी होगी जानकारी राज्य सरकारों ने कारोबारियों को उपलब्ध चीनी का पूरा ब्योरा खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने और हर शुक्रवार स्टॉक की जानकारी अपडेट करने को कहा है। गोदाम व ऑनलाइन दर्ज स्टॉक में अंतर मिला तो सख्त कार्रवाई होगी। करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ चीनी आपूर्ति

राज्य सरकारों ने प्रशासनिक कारियों को घीनों की कालाबाजारी

Black marketing रोकने के लिए 10 केंद्रीय टीमें करेंगी राज्यों का दौरा
Black marketing रोकने के लिए 10 केंद्रीय टीमें करेंगी राज्यों का दौरा

योगी सरकार के आदेश के बाद अधिकारियों ने कई जिलों में जांच की। बागपत में चीनी के गोदाम पर छापा मारा गया। बरेली और नोए‌डा में जिलाधिकारियों ने स्टॉक की स्थिति की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठके भी करें। 30 नवंबर तक लिमिट केंद्र सरकार ने चीनी डीलरों पर 30 नवंबर तक 400 टन की स्टॉक लिमिट लगाई है। यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब सरकारों ने निर्देशों को सखी से पालन करने का आदेश दिया है। इसके अलावा खरीदी गई चीनी को 15 से 30 दिन से अधिक समय तक रखने पर भी रोक लगाई गई है।की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। महाराष्ट्र व कर्नाटक में भी सरकारी विभागों ने चीनी के स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। ऐतिहासिक बाद अब शक्कर के दाम में नरक दिखने लगी है। रीसेल में शक्कर सस्ती बिक रही है। सरकार के 10 लाख टन कच्ची शक्कर के आयात के पैथाने के बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र की मिल्लले ने भाव में 400-500 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती की है। बाजार में ऊंचे दाम के कारण शक्कर की मांग भी घट गई है। ऐसे में स्टॉकिस्ट अब मुनाफा कमाने के लिए माल बेच रहे हैं। कई राज्यों में शनिवार को शक्कर 6,450 में 6,600 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। एक दिन में भात्र 100 से 200 रुपये तक घट गए। हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि विदेशी चीनी आने के बाद भी भाव पुराने स्तर पर लौटना मुश्किल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम 18 माह के ऊंचे स्तर पर है

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